
बिना अनुमति 122 पेड़ काटे (फोटो सोर्स- पत्रिका)
Crime News: बालोद जिले के जंगल हो चाहे ग्रामीणों क्षेत्रों के खेतों में लकड़ी तस्करों की नजर है। किसानों को लालच देकर उनके खेतों की लकड़ियों को मामूली दाम पर खरीद कर अवैध कटाई की जा रही है।
ऐसा ही मामला डौंडीलोहारा क्षेत्र के ग्राम बड़ेजुंगेरा में सामने आया है। यहां लकड़ी तस्कर ने गांव के तीन किसानों की जमीन से 120 हरे-भरे पेड़ों की कटाई कर दी। किसानों एवं लकड़ी ठेकेदार ने पेड़ों की कटाई करने के लिए किसी भी प्रकार से अनुमति नहीं ली थी। हालांकि तहसीलदार एचआर नायक ने मामले में तीन किसानों और एक लकड़ी ठेकेदार पोषण सोनकर के खिलाफ कार्रवाई की है। साथ मौके से लकड़ी को जब्त कर लिया है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी की शिकायत पर की गई।
छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के जिला अध्यक्ष खोमन साहू, जिला आईटी सेल प्रभारी इमेश, जितेंद्र साहू और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के जिला अध्यक्ष गंगा निषाद, दानी साहू, डौण्डीलोहारा खंड अध्यक्ष उत्तम यादव, दीपक सहारे, हरिशंकर साहू, ईश्वर सोनी और जेसीपी जिला महासचिव डी देशमुख मौजूद थे। संगठनों ने सभी संलिप्त व्यक्तियों की तत्काल गिरफ्तारी, फरार आरोपी की तलाश, जब्त लकड़ी और वाहनों की जांच, संबंधित अधिकारियों की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही कठोर कार्रवाई की मांग भी की गई है।
डौंडीलोहारा ब्लॉक में लंबे समय से अवैध लकड़ी कटाई का खुलासा छत्तीसगढ़ीया क्रांति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने ने किया। ग्रामीणों की शिकायतों के बाद संगठनों के पदाधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया, जहां भारी मात्रा में विभिन्न प्रजातियों की कटी लकड़ी का अवैध भंडारण और उसके परिवहन में उपयोग होने वाले वाहन व उपकरण मिले। प्रारंभिक जांच से पता चला कि यह गतिविधि संगठित तरीके से की जा रही थी।
इस दौरान पता चला कि अवैध लकड़ी की लोडिंग महिलाओं से कराई जा रही थी, जिससे प्रशासनिक कार्रवाई को बाधित किया जा सके। संगठनों ने इसे कानून का उल्लंघन और महिलाओं के शोषण का गंभीर मामला बताया। इस प्रकरण में वन और राजस्व विभाग की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पूछताछ में पता चला कि मुख्य आरोपी फरार है।
शासन एक ओर पौधारोपण करने लोगों को जागरूक कर रहे हैं। पेड़ों की कटाई से पर्यावरण पर पड़ रहे असर भी बताते हैं लेकिन लकड़ी तस्करों को इनसे कोई मतलब नहीं है, उन्हें बस पेड़ काटकर अपनी जेब भरना है। इसके बदेल पौधारोपण भी नहीं करते।
एचआर नायक, तहसीलदार डौंडीलोहारा के मुताबिक, तीन किसानों ने बिना अनुमति सैकड़ों पेड़ों को काटा, जो गलत है। इस मामले में तीनों किसानो व लकड़ी ठेकेदार पोषण सोनकर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा रही है।
Published on:
07 May 2026 04:38 pm
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