क्राइम

Ahmedabad: डिजिटल अरेस्ट कर ठगने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, 12 गिरफ्तार

-नारणपुरा पुलिस ने राजस्थान के बालोतरा के एक होटल में दबिश देकर पकड़ा, 8.72 लाख का माल जब्त, पकड़े गए आरोपियों में 7 राजस्थान के

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डिजिटल अरेस्ट कर लोगों को ठगने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह अहमदाबाद शहर की नारणपुरा पुलिस ने पर्दाफाश किया है। राजस्थान के बालोतरा जिले के एक होटल में दबिश देकर 12 को पकड़ा। पकड़े गए आरोपियों में 7 राजस्थान के रहने वाले हैं। साथ ही दो तमिलनाडु और एक-एक ओडिशा व गुजरात का रहने वाला है। इनके पास से 8.72 लाख रुपए का मुद्दामाल बरामद किया है।

शहर के बी डिवीजन के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) एच. एम.कणसागरा ने बताया कि आरोपियों ने नारणपुरा के अंकुर चार रास्ते के पास रहने वाली एक युवती को 13 अक्टूबर की दोपहर पौने 12 बजे वॉट्सएप के जरिए अज्ञात नंबर से वॉइस कॉल किया। इसमें आरोपियों ने कहा कि युवती ने थाइलैंड में पार्सल भेजा था, उसमें ड्रग्स व अन्य गैरकानूनी वस्तुएं मिली हैं। कस्टम वालों को पार्सल पर आपका मोबाइल नंबर लिखा मिला है। ऐसे में आपके विरुद्ध कार्रवाई होगी। ऐसा कहकर अलग-अलग एजेंसी, सीबीआई अधिकारी बनकर व अन्य अधिकारी बनकर बातचीत की। 14 अक्टूबर दोपहर तीन बजे तक एक तरह से डिजिटल अरेस्ट (लगातार समय समय पर फोन , वीडियो कॉल, वॉट्सएप कॉल पर व्यस्त रख) उनके अलग-अलग दो बैंक खातों से 4.92 लाख रुपए की नकदी ऑनलाइन ट्रांसफर कर ली।

पड़ोसी को बुलाकर सूचना दी कि इनके साथ हो गई ठगी

कणसागरा ने बताया कि आरोपियों ने ऑनलाइन लिंक भेजकर स्वीकार करने के नाम पर युवती से उसके बैंक अकाउंट, मोबाइल नंबर व अन्य जानकारी ली। फर्जी कॉन्फिडेंशियल एग्रीमेंट की पीडीएफ भेजी। खातों की राशि को आरबीआई में ट्रांसफर करना पड़ेगा जो वापस मिल जाएगी। ऐसा कहने के बाद दो बैंक खातों से 4.92 लाख रुपए पार कर दिए। इसके बाद फोन कर पड़ोसी महिला को बुलाकर उससे कहा कि इस युवती के साथ ठगी हो गई है।

बालोतरा के होटल में चला रहे थे ठगी का कॉल सेंटर

युवती की शिकायत मिलते ही नारणपुरा पुलिस ने जांच शुरू की। युवती के बैंक खातों से राशि चार अकाउंट में ट्रांसफर हुई है। इसमें से एक अंबाजी में स्थित खाते में था। आरोपी राजस्थान के बालोतरा में बैठकर ठगी का काम करते हैं। जिससे वहां दबिश दी तो एक होटल से 12 लोग मिले। आरोपियों से 17 मोबाइल, 11 चेकबुक, 8 डेबिट कार्ड, एक-एक मेकबुक, व लैपटॉप, 4 स्टैम्प और एक कार जब्त की है।

टेलीग्राम से आए संपर्क में, चीन के हैंडलरों की भी लिप्तता

प्राथमिक जांच में सामने आया कि आरोपी टेलीग्राम एप्लीकेशन पर बनाए गए अलग-अलग चैनलों के जरिए संपर्क में आए थे। इन्हें 10 से लेकर 20 प्रतिशत कमीशन मिलता था। कुछ नौकरी पर काम करते थे। इसमें से कुछ के बैंक खातों में अच्छी राशि भी जमा की गई है। राजस्थान निवासी शंकरलाल, रमेश, योगेश मुख्य आरोपी हैं। गुजरात निवासी संकेत आरोपियों को अकाउंट उपलब्ध कराता था।

इन आरोपियों को पकड़ा

आरोपियों में राजस्थान में बालोतरा जिले की पचपदरा तहसील का असाडा गांव निवासी शंकरलाल चौधरी (30), टापरा गांव का मूल निवासी और फिलहाल बालोतरा हाऊसिंग बोर्ड सेक्टर-4 निवासी रामाराम उर्फ रमेश चौधरी (28), अनीफिया मोहल्ला निवासी योगेश उर्फ मोन्टू चौधरी (यादव) (35), पचपदरा में डागा हॉस्पिटल गली निवासी शिवम रमण यादव (26) शामिल है। साथ ही राजस्थान के हनुमानगढ़ जिला में वार्ड नंबर सात धान मंडी निवासी राहुल सुकेजा (26), जूना कुंजा निवासी हिमांशु गुप्ता (34), चूना फाटक के पास रहने वाला अश्विनी कुमार अग्रवाल (54) भी लिप्त हैं।साथ ही तमिलनाडु के कृष्णागिरी जिले में नरसिंह स्वामी स्ट्रीट निवासी किरण कुमार नायडू (31) व स्वामी स्ट्रीट निवासी जोसेम गोंडर (40), ओडिशा के बालेश्वर जिले के गोपालपुर गांव निवासी दीपक कुमार उर्फ बापू दास (32), महाराष्ट्र के हिंगोली जिले का भगवती गांव निवासी आनंद जाधव (20) और गुजरात के साबरकांठा जिले की इडर तहसील रामनगर रोड निवासी संकेत देसाई (26) शामिल हैं।

Published on:
28 Oct 2024 11:15 pm
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