
बाजार में खरीददारी के लिए आया नाबालिग दूल्हे की फोटो: पत्रिका
शादी के सीजन की शुरुआत के साथ ही एक बार फिर बाल विवाह की आहट सुनाई देने लगी है। अक्षय तृतीया (आखातीज) के सावे नजदीक आते ही नगर के बाजारों में नाबालिग दूल्हा-दुल्हन खरीददारी करते नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह आने वाले दिनों में होने वाले बाल विवाह का संकेत है।
पिछले वर्षों में आखातीज पर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहता था। पुलिस, महिला एवं बाल विकास विभाग और प्रशासनिक अमला संयुक्त रूप से अभियान चलाकर गांव-गांव निगरानी करता था और संदिग्ध मामलों में तुरंत हस्तक्षेप कर बाल विवाह रुकवाए जाते थे, लेकिन इस बार अब तक न तो वैसी सख्ती दिखाई दे रही है और न ही कोई प्रभावी अभियान जमीन पर नजर आ रहा है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आखातीज के दिन बड़ी संख्या में बाल विवाह होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि तुरंत सख्ती बढ़ाई जाए।
नाबालिग दूल्हा-दुल्हन के बाल विवाह की रोकथाम को लेकर पटवारी एवं कानूनगो को सूचना देने के लिए कह रखा है। जैसे ही बाल विवाह की सूचना मिलती है तो मौके पर पहुंचकर परिजनों एवं सम्मेलन के आयोजकों से समझाइश कर बाल विवाह नहीं करने को लेकर पाबंद किया जाता है। यदि बाजार में नाबालिग दूल्हा-दुल्हन खरीददारी के लिए घूम रहे है तो दिखवाता हूं।
अब्दुल हफीज, तहसीलदार, तहसील पचपहाड़
बूंदी जिले में 16 वर्षीय एक किशोरी ने ‘मुझे अभी पढ़ना है’ के दृढ़ संकल्प के साथ अपने बाल विवाह को रुकवाकर मिसाल पेश की। कक्षा 12वीं में पढ़ रही इस छात्रा का विवाह 1 मई को खानखेड़ा सम्मेलन में तय किया गया था, लेकिन उसने इसका विरोध किया और प्रशासन से मदद मांगी। किशोरी ने स्पष्ट कहा कि वह अभी शादी नहीं करना चाहती और अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहती है। उसने बाल कल्याण समिति से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। सूचना मिलने पर चाइल्ड लाइन टीम और पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। किशोरी की इच्छा के अनुसार उसे शेल्टर होम में सुरक्षित रखा गया है, जहां उसकी पढ़ाई भी जारी रखी जाएगी।
Updated on:
15 Apr 2026 03:14 pm
Published on:
15 Apr 2026 02:55 pm
बड़ी खबरें
View Allझालावाड़
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
