20 अप्रैल 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

महंगा पड़ा पत्नी से पंगाः 2023 में शादी, 24 में लगी सरकारी नौकरी, 25 में दर्ज हुआ केस, 26 में चली गई

Jhalawar News: मामला स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय (राउमावि), बनी का है, जहां राजनीतिक विज्ञान के व्याख्याता के पद पर कार्यरत दीपक कुमार शर्मा के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है।

2 min read
Google source verification
शादी के कुछ माह बाद ही शुरू हो गया था विवाद, सांकेतिक फोटो

शादी के कुछ माह बाद ही शुरू हो गया था विवाद, सांकेतिक फोटो

Rajasthan Teacher Suspend News: राजस्थान के शिक्षा विभाग ने सरकारी सेवा में झूठा शपथ पत्र देने के मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए एक व्याख्याता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मामला स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय (राउमावि), बनी का है, जहां राजनीतिक विज्ञान के व्याख्याता के पद पर कार्यरत दीपक कुमार शर्मा के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है।

नियुक्ति के समय दिया था गलत शपथ पत्र

प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी व्याख्याता ने 2 मार्च 2024 को अपनी पहली नियुक्ति के समय विभाग में एक शपथ पत्र प्रस्तुत किया था। इस हलफनामे में उन्होंने स्पष्ट रूप से उल्लेख किया था कि उन्होंने अपनी शादी में किसी प्रकार का दहेज नहीं लिया है। यह शपथ पत्र सरकारी नौकरी में नियुक्ति के दौरान अनिवार्य दस्तावेजों में शामिल होता है, जिसे सत्यता के आधार पर भरना जरूरी होता है।

पत्नी की शिकायत से खुला मामला

मामले ने उस समय तूल पकड़ा जब व्याख्याता की पत्नी वंदना शर्मा ने 10 जुलाई 2025 को में दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज कराया। शिकायत में दहेज लेने और प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यह मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है। विभागीय स्तर पर हुई प्रारंभिक जांच में भी प्रथम दृष्टया दहेज लेने के आरोप सही पाए गए, जिससे शपथ पत्र की सत्यता पर सवाल खड़े हो गए।

तत्काल निलंबन, चूरू में मुख्यालय तय

मामले की गंभीरता को देखते हुए ने व्याख्याता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय स्थित संयुक्त निदेशक स्कूल शिक्षा कार्यालय निर्धारित किया गया है। इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है, खासकर उन कर्मचारियों में जिन्होंने नियुक्ति के समय इसी तरह के शपथ पत्र दिए थे। विभाग ने साफ संकेत दिया है कि सरकारी सेवा में सत्यनिष्ठा और पारदर्शिता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

शपथ पत्र देना क्यों है जरूरी

गौरतलब है कि राजस्थान सरकार में शिक्षक, सफाई कर्मचारी या RPSC/RSSB के माध्यम से चयनित किसी भी सरकारी पद पर नियुक्ति के समय दहेज न लेने का शपथ पत्र देना अनिवार्य होता है। यह प्रक्रिया राजस्थान दहेज प्रतिषेध नियम, 2004 के तहत लागू है, जिसका उद्देश्य समाज में दहेज प्रथा पर रोक लगाना और सरकारी कर्मचारियों में नैतिकता को बढ़ावा देना है।

बड़ी खबरें

View All

झालावाड़

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग