
आहू नदी पर बन रही पुलिया
आहू नदी पर पुलिया निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। संशोधित राशि स्वीकृत होने से अब गागरोन, नौलाव, प्रेमपुरा सहित आसपास के आधा दर्जन गांव के ग्रामीणों को हर बारिश में जान जोखिम में डालकर नदी पार नहीं करनी पड़ेगी। इन गांवों के लोग लंबे समय से इस समस्या से जूझ रहे थे। हर वर्ष वर्षाकाल में आहू नदी में जलस्तर बढ़ने से आवागमन बाधित हो जाता था। ग्रामीणों को मजबूरन ट्यूब या अन्य अस्थायी और असुरक्षित साधनों से नदी पार करनी पड़ती थी, जिससे हर कदम पर दुर्घटना का भय बना रहता था। यह स्थिति ग्रामीणों के लिए खासी परेशानी का सबब बनती थी, खासकर आपातकालीन स्थितियों में। प्रसूताओं या गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को झालावाड़ अस्पताल पहुंचाने में बड़ी कठिनाई का सामना करना पड़ता था। कई बार तो उन्हें नदी का जलस्तर कम होने का इंतजार करना पड़ता था, जिससे बहुमूल्य समय बर्बाद होता था और जीवन पर खतरा मंडराता रहता था। बारिश में कॉलेज जाना बंद हो जाता-
कॉलेज के बालक-बालिकाओं को भी बारिश के दिनों में पढ़ाई छोड़नी पड़ती थी या जान जोखिम में डालकर कॉलेज आना पड़ता था। अब पुलिया के लिए संशोधित वित्तीय राशि की स्वीकृति मिलने से स्थानीय लोगों में खुशी की लहर है। इस पुलिया के निर्माण से इन गांवों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और ग्रामीणों का जीवन सुरक्षित व सुगम बनेगा। आपातकालीन सेवाओं की पहुंच भी आसान हो जाएगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ समय पर मिल पाएगा। प्रशासन की इस पहल से क्षेत्र के विकास को भी गति मिलेगी और ग्रामीणों का वर्षों पुराना इंतजार समाप्त होगा, जिससे उनकीदैनिक जीवन की मुश्किलें कम होंगी।
आहू नदी पर अब हाई लेवल पुल का निर्माण किया जाएगा। सार्वजनिक निर्माण विभाग ने 39 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस पुल की स्वीकृति जारी कर दी है। यह निर्णय राजस्थान पत्रिका द्वारा लगातार प्रकाशित की जा रही खबरों के बाद किया गया है, जिनमें हर बारिश में इस पुलिया पर छिनती जिंदगियों और प्रशासन की अनदेखी का मुद्दा उठाया गया था। पत्रिका ने अपनी खबरों में हादसों का इंतजार न करने की बात कही थी। पूर्व में इस पुल के निर्माण के लिए 22 करोड़ रुपए की लागत तय की गई थी, जिसे अब संशोधित कर 39 करोड़ रुपए कर दिया गया है। यह हाई लेवल पुल आहू नदी पर बनी वर्तमान पुलिया के स्थान पर बनेगा। बारिश के मौसम में यह पुलिया अक्सर पानी में डूब जाती थी, जिससे आवागमन बाधित होता था और कई बार गंभीर दुर्घटनाएं भी होती थीं।
वित्त विभाग ने आहू नदी पर बनने वाले पुल की संशोधित लागत को मंजूरी प्रदान की है। किशनपुरिया, दुर्गपुरा (एमडीआर-227) पर स्थित इस पुल के निर्माण की लागत अब 39.64 करोड़ रुपए होगी, जबकि पूर्व में इसका अनुमान 22.20 करोड़ रुपए (220 लाख) था। लागत में यह वृद्धि अब जांच के दायरे में आ गई है और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है। विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह संशोधित वित्तीय सहमति कुछ शर्तों के साथ दी गई है। प्रशासनिक विभाग को यह सुनिश्चित करना होगा कि पुल निर्माण कार्य में सभी वित्तीय नियमों, निर्धारित प्रक्रियाओं और समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए। अतिरिक्त मुख्य सचिव, सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा अनुमोदित इस प्रस्ताव से क्षेत्र में यातायात सुगम होने की उम्मीद है। हालांकि, लागत में हुई भारी वृद्धि और उसकी जांच के निर्देश ने इसे एक महत्त्वपूर्ण मामला बना दिया है।
नए पुल के बनने से क्षेत्र के लोगों को वर्षा ऋतु में सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी और हादसों का खतरा भी कम होगा। सार्वजनिक निर्माण विभाग ने इस परियोजना को शीघ्रता से आगे बढ़ाने का निर्णय किया है। ये पहले करीब 22 करोड़ में बननी थी, अब ये ब्रिज39 करोड़ की लागत से बनेगा।
Updated on:
09 Jun 2026 11:41 am
Published on:
09 Jun 2026 10:55 am
बड़ी खबरें
View Allझालावाड़
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
