स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां सभी लोग डर में जी रहे हैं, यहां लोगों के डर को खत्म करने के लिए घर की जगह मंदिर का निर्माण करा देना चाहिए।
नई दिल्ली। बुराड़ी के संतनगर में 11 मौतों की गुत्थी को सुलझाने में पुलिस अभी भी जुटी हुई है, लेकिन अभी तक के पूरे मामले को देखा जाए तो ये पता चलता है कि भाटिया परिवार ने 'मोक्ष' की प्राप्ति के लिए मौत को गले लगा लिया। हालांकि अभी भी रोजाना इस मामले में नए-नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस भी कई एंगल से पूरे केस की जांच कर रही है। इस बीच भाटिया परिवार की सामूहिक रूप से मौत के बाद से पूरे इलाके के लोग सहम से गए हैं। आस-पड़ोस के लोगों के दिल में तो दहशत ऐसी बैठ गई है कि लोग उस घर के आसपास से होकर गुजरने में भी डर रहे हैं।
पड़ोस के बच्चे भूत-प्रेत की करते हैं बातें
भाटिया परिवार की मौत के बाद से पड़ोस में रहने वाले लोगों के दिलों में ऐसा खौफ बैठ गया है कि वो खुद को वहां सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। पड़ोस के बच्चे भी 11 लोगों के फांसी पर लटकने के बाद से डर के साये में जीने को मजबूर हैं। बच्चों के बीच अक्सर ये बातें हो रही हैं कि अब अंकल (ललित भाटिया) लोगों के सपनों में आकर उन्हें डराया करेंगे। पड़ोसियों को डर इसलिए भी लग रहा है क्योंकि मृतक परिवार का सदस्य और पूरे मामले में मास्टरमाइंड माने जा रहे ललित ने अपनी डायरी में लिखा था कि हम भगवान से मिलकर फिर लौट आएंगे।
डायरी में ललित भाटिया के फिर से वापस आने की लिखी थी बात
भाटिया परिवार के घर से मिली डायरी के अनुसार कथित तौर पर ललित के पिता ने उसे कहा था कि सब लोग मेरे कहे अनुसार फंदे पर लटक जाएं। इस दौरान, एक कप में पानी रखना, इसका रंग बदलेगा, मैं प्रकट होऊंगा सबको बचाऊंगा। इस दौरान आत्मा शरीर से बाहर निकलेगी और फिर दोबारा वापस शरीर में प्रवेश करेगी। डायरी में ललित भाटिया के फिर से जिंदा होने की बात लिखी है।
खौफ की वजह से घर बदलने की सोच रहे हैं लोग
आपको बता दें ललित भाटिया के घर के आसपास से भी लोग गुजरने से कतरा रहे हैं। भूत-प्रेत के इस डर को खत्म करने के लिए स्थानीय लोगों का कहना है कि भाटिया परिवार के घर में मंदिर बना देना चाहिए, ताकि लोगों के दिल से डर निकल सके। आस पड़ोस के लोगों का कहना है कि उनके बच्चे डरे हुए हैं और रात को सो नहीं पाते हैं। बच्चे कहते हैं कि कहीं उस घर वाले अंकल (ललित और उनके परिवार के लोग) भूत बनकर तो नहीं आएंगे। यही नहीं, पड़ोसी इतने परेशान हैं कि वो अब अपना घर बदलने की सोचने लगे हैं।