- बड़े बुकियों की जानकारी होने के बाद भी पुलिस नहीं कर पा रही कार्रवाई
जबलपुर। आइपीएल क्रिकेट शुरू होते ही सट्टे का बाजार गर्म हो गया है। सट्टा लिखने वाले बुकी से लेकर उनके गुर्गे और खिलाड़ी सक्रिय हो गए हैं। इस बार सट्टे का पूरा धंधा दुबई से संचालित हो रहा है। जितने भी बुकियों के पास क्रिकेट सट्टे की लाइन या एप हैं, उनका कहीं न कहीं दुबई से कनेक्शन है। दुबई में जाकर बसे जबलपुर और कटनी के बड़े बुकी सटोरियों और करीबियों की मदद से आइडी और लाइन दे रहे हैं। दोनों शहरों में रोजाना 10-15 करोड़ रुपए का खेल हो रहा है। सारी जानकारी होने के बाद भी पुलिस के हाथ इन तक नहीं पहुंच रहे हैं।
किराए के फ्लैट और घरों से धंधा
आइपीएल शुरू होते ही कई बुकियों ने फ्लैट और मकान किराए पर ले लिए हैं। वहीं बड़े बुकी होटलों में कमरा बदल-बदलकर इसे ऑपरेट कर रहे हैं। यह जानकारी भी सामने आई कि कई बुकियों ने दूसरे प्रदेशों में डेरा जमा लिया है। वे वहीं से धंधा चला रहे हैं।
एडवांस देने के बाद मिल रही लाइन
बुकी एप, आइडी और लाइन देने से पहले सट्टा खेलने वालों से एडवांस जमा कराया जा रहा है। यह पूरा लेनदेन ऑनलाइन हो रहा है। हारने पर जहां सट्टा खेलने वाले की रकम डूब जाती है, वहीं यदि वह जीत जाता है तो उसे सोमवार के सोमवार जीती गई रकम दे दी जाती है।
हवाला के जरिए भेजते हैं रकम
आइपीएल शुरू होने के बाद हवाला का धंधा करने वालों के भी बल्ले-बल्ले हैं। आइपीएल में जीती या हारी गई बड़ी रकम हवाला के जरिए एक शहर से दूसरे शहर और दूसरे देशों तक भेजी जा रही है। ओमती थाना क्षेत्र का एक बड़ा हवाला कारोबारी आइपीएल के सट्टे की रकम को इधर से उधर करता है।
आइपीएल में सट्टा लिख रहे बुकियों पर पुलिस की नजर है। क्राइम ब्रांच और साइबर सेल के साथ ही फील्ड पर भी टीमें काम कर रही हैं। हाल ही में पुलिस ने आइपीएल का सट्टा लिखने वालों को पकड़ा है। यदि कोई भी इस धंधे में लिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- तुषारकांत विद्यार्थी, एसपी
(जबलपुर का सतीश सनपाल और कटनी का मनोज पंजवानी दुबई में रह रहे हैं। इन दोनों पर वहां से क्रिकेट सट्टा गिरोह संचालित करने का आरोप है। जबलपुर में सतीश पर कई मामले दर्ज हुए हैं, लेकिन कटनी में मनोज पंजवानी पर एक भी केस नहीं बना है।)
जबलपुर में यह स्थिति
बड़े बुकी: 50
छोटे बुकी: 500 से अधिक
बुकियों के गुर्गे: 1500 से अधिक
रोजाना का धंधा: 08 से 10 करोड
इन शहरों तक जाल: सतना, नरसिंहपुर, मंडला, सीधी, सिंगरौली, छिंदवाड़ा, सागर, दमोह, नर्मदापुरम
(तरह-तरह के ऐप के माध्यम से होता है धंधा)
इस तरह के मामले आएंगे बाद में
- क्रिकेट का सट्टा खेलने के लिए कई लोग लेते हैं कर्ज, फिर सूदखोरी के मामले आते हैं सामने
- हारी हुई रकम चुका न पाने पर बुकी और सटोरिए करते हैं परेशान
- कर्ज न चुका पाने के कारण कई बार उठा लेते हैं आत्मघाती कदम
- रकम हारने वालों से रुपए न मिलने पर गंभीर वारदातों की आशंका
केस: 01
जिला- जबलपुर
मामला: चार अप्रेल को पुलिस ने आधारताल निवासी देवेश विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया। 12 मोबाइल, टीवी और 1 लाख नकद जब्त की। रजिस्टर में एक करोड़ रुपए का हिसाब मिला। जांच में पता चला कि देवेश ने दुबई में बैठे सतीश सनपाल के खास दिलीप खत्री और कोतवाली निवासी बबला गुप्ता से लाइन और आइडी ली थी। पुलिस ने दिलीप और बबला को भी आरोपी बनाया, लेकिन गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
केस: 02
जिला-कटनी
मामला: तीन अप्रेल को कोतवाली पुलिस ने मौला चौक से सट्टा लिख रहे मो. सुजाउर रहमान और श्याम राजानी को पकड़ा। जांच में पता चला कि दोनों कटनी के सबसे बड़े बुकी पंजवानी के गुर्गे हैं। पंजवानी दुबई में बैठकर कटनी समेत आसपास के इलाकों में क्रिकेट सट्टे का धंधा कर रहा है। पंजवानी को स्थानीय कद्दावर नेता का संरक्षण प्राप्त है, जिस कारण पुलिस समेत अन्य कोई एजेंसी उस पर हाथ डालने की हिम्मत नहीं जुटा पाती।