Solving Murder Crime: पुलिस ने 5 साल पहले हुई 70 वर्षीय महिला की हत्या के बाद अलमारी में शव को छिपाने के मामले को सुलझा लिया है। इस मामले में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी है।
Solving Murder Crime: कर्नाटक पुलिस को हत्या के एक मामले में बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने 5 साल पहले 70 साल की महिला की हत्या की गुत्थी सुलझा ली है। आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। बता दें कि साल 2016 में एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग का स्टूडेंट 27 साल के संजय वासुदेव राव ने अपनी 70 वर्षीय नानी की हत्या कर दी थी। इसके बाद शव को एक ड्रम में रखकर अलमारी में बंद कर दिया था।
गोभी मंचूरियन को लेकर कर दी हत्या
दरअसल, अगस्त 2016 में इंजीनियरिंग का स्टूडेंट संजय राव पढ़ने में अच्छा था, उसका व्यवहार आस- पास के लोगों के साथ बहुत सहज था। संजय ने अपने पिता को कम उम्र में खो दिया, पिता के देहांत के बाद वह अपनी मां शशिकला और 70 वर्षीय नानी शांति के साथ रहता था। एक दिन संजय ने बाहर से खरीदकर घर पर गोभी मंचूरियन लाया, इसको लेकर संजय और उसकी नानी के साथ कहासुनी हो गई। इस दौरान संजय अपना आपा खो दिया और अपनी मां के सामने ही अपनी नानी की हत्या कर दी। इस हत्याकांड का खुलासा घटना के 9 महीने बाद हुआ, लेकिन पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी।
सबूतों के अभाव में नहीं हुई गिरफ्तारी
पुलिस को संजय पर शक था लेकिन सबूतों के अभाव में गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी। इस मामले में अब पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने केस को सॉल्व कर लिया है और संजय गिरफ्तार हो चुका है। बता दें कि संजय महाराष्ट्र में नौकरी करता था और उसकी मां घरों में नौकरानी काम करती थी।
लाश की दुर्गंध छिपाने के लिए परफ्यूम का किया गया इस्तेमाल
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने कोर्ट के सामने बताया कि साल 2016 के अगस्त महीने के दूसरे या तीसरे सप्ताह में संजय राव की 70 वर्षीय नानी शांति से बहस हो गई थी। इस दौरान संजय ने कथित तौर पर शांति पर हमला कर दिया,जिसके बाद उसकी मौत हो गई।
इसके बाद संजय ने अपने दोस्त नंदीश को घटना के बारे में जानकारी दी। दोनों ने मिलकर शांति की मौत को स्वाभाविक रूप से दिखाने के लिए लाश को शिवमोग्गा उसके पैतृक घर ले जाने का प्लान बनाया, लेकिन कामयाब नहीं हुए। इसके बाद उन्होंने दीवार खोदी और ड्रम में लाश को भरकर कोयले से ढक दिया फिर, लाश को छिपा दिया। पुलिस ने आगे बताया कि शव के दुर्गंध को काफी दिनों तक रोकने के लिए परफ्यूम का इस्तेमाल किया गया था।
आधार कार्ड से आरोपी तक पहुंची पुलिस
पुलिस ने घटना के बाद केस पर तेजी से काम किया था, लेकिन साल 2019-20 में कोरोना महामारी आने के बाद मामला ठंडा पड़ गया। साल 2022 में पुलिस ने इस मामले को एक बार फिर खोला और संजय के आधार कार्ड और पैन कार्ड के इस्तेमाल के बारे में पता लगाने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस को इस मामले में अहम जानकारी हाथ लगी। पुलिस को पता चला की महाराष्ट्र के कोल्हापुर में इस आधार कार्ड और पैन कार्ड के इस्तेमाल से भारतीय स्टेट बैंक में बैंक अकाउंट खोला गया है, फिर क्या था।
गिरफ्तारी के बाद दोनों पहुंचे जेल
पुलिस मामले में एक्टिव हुई और कोल्हापुर पहुंची। वहां दोनों मां - बेटे को पकड़ लिया। पुलिस को वहां पता चला की मां शशिकला घरों में नौकरानी का काम करती है। वहीं संजय होटल में वेटर था। इस मामले में पुलिस ने अपनी चार्जशीट दाखिल कर दी है। मां शशिकला और संजय राव दोनों जेल में है। मामले का ट्रायल चल रहा है।