
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में सुरक्षा को लेकर सरकार और प्रशासन के तमाम दावों की पोल खुलती नजर आ रही है। दरअसल उत्तर-पश्चिम दिल्ली के अशोक विहार इलाके में एक महिला पर अपने बेटे के साथ मिलकर शिक्षा विभाग में सराकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने का मामला सामने आया है। हालांकि रविवार को दिल्ली पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि महिला ने अपने बेटे के साथ मिलकर शिक्षा विभाग में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर दो करोड़ रुपए की धोखाधड़ी ही है। पुलिस ने आरोपी महिला की पहचान 57 वर्षीय नूतन पुरी के रूप में की है जो कि लाजपत नगर के डायरेक्टोरेट ऑफ एजुकेशन के साइंस ब्रांच में अपर डिविजन क्लर्क के रूप में काम करती हैं।
अब 20 लोगों को बनाया है अपना शिकार
आपको बता दें कि उत्तर-पश्चिम के डीसीपी असलम खान ने कहा कि पुरी और उनके 25 वर्षीय बेटा राहुल बेरोजगार लोगों को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करते थे। पहले बेरोजगार लोगों को नौकरी की पेशकश करते थे और फेवर करने के बदले उनसे कमीशन के तौर पर लाखों रुपए ऐंठ लेते थे। सबसे बड़ी बात यह है कि नूतन पुरी खुद को शिक्षा विभाग की डेप्युटी डायरेक्टर बताती थी। पुलिस को शुरुआती पूछताछ में मालूम चला है कि दोनों ने मिलकर अबतक 20 लोगों को अपना शिकार बना चुके है।
नूतन ने कबूला गुनाह
आपको बता दें कि नूतन ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि पीतमपुरा जोन में शिक्षा विभाग में काम करते समय निजी स्कूल की एक शिक्षिका सरकारी स्कूल में नौकरी दिलाने के संबंध में उनसे मिली थीं। इस पर उन्होंने उनसे कहा कि वह सरकारी स्कूल में एक गेस्ट टीचर बना सकती है और इसके बदले में उन्हें कुछ पैसे देने पड़ेंगे। महिला ने नूतन को पैसे तो दे दिए लेकिन उसे कोई नौकरी नहीं मिली। हालांकि कुछ समय बाद जब पीड़िता ने नूतन से मुलाकात की तो दूसरी नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे और पैसे ले लिए। इसी तरह से कई अन्य लोगों को अपना शिकार बनाया और अबतक लाखों रुपए की ठगी कर चुकी है।