क्राइम

मुस्लिम लड़के से हुआ प्यार तो मां ने रखा 2 साल तक कैद में, बीजेपी नेताओं पर भी साथ देने का आरोप

फिलहाल मंगलुरु पुलिस ने उस लड़की को बचा लिया है।
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May 07, 2018
Kerala girl kidnapped in her own house for loving muslim boy

नई दिल्ली। केरल में एक 24 साल की लड़की पर मुस्लिम लड़के से प्यार करना भारी पड़ गया। इसकी सजा में उसकी मां ने उसे पूरे दो साल तक घर में ही कैद करके रखा। लड़की का आरोप है कि इस अपराध में कुछ बीजेपी नेताओं ने भी उसकी मां का साथ दिया। फिलहाल मंगलुरु पुलिस ने उस लड़की को बचा लिया है। उन्हें केरल पुलिस से इस बारे में जानकारी मिली थी। बता दें कि पुलिस ने 1 मई को पीड़िता को आजाद कराने में कामयाब रही।

पीड़िता फिलहाल रेस्क्यू होम में
पुलिस ने बताया कि लड़की की मां ने उसे मंगलुरु स्थित एक किराए के मकान में पिछले दो साल से उसको कैद करके रखा था। पीड़िता ने पुलिस को दिए गए बयान में कहा कि उसपर ये अत्याचार सिर्फ इसलिए किया गया क्योंकि उसका एक मुस्लिम लड़के से रिश्ता था। बता दें कि पीड़िता त्रिशूर स्थित गुरुवायुर की रहने वाली है। मामले में मंगलुरु डीसीपी उमा प्रशांत का कहना है कि महिला को उसकी मां ने बंधक बना कर रखा था। उन्होंने कहा, 'लड़की को अदालत में पेश किया गया। अदालत के बाद पीड़िता ने अपनी मां के साथ जाने से इनकार कर दिया, जिसके चलते उसे वहीं से रेस्क्यू होम भेज दिया गया। हमने मां को भी गिरफ्तार किया है और हम इसस मामले में अन्य की संलिप्तता के बारे में जांच कर रहे हैं।’

पीड़िता ने वीडियो भेजकर मदद मांगी थी
आपको बता दें कि हाल ही में पीड़िता ने एक वीडियो रिलीज किया था। वीडियो में उसकी ओर से दावा किया गया था कि बीजेपी की शह पर उसे मंगलुरु में बंधक बना के रखा गया है। हालांकि डीसीपी ने कहा कि फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती। उनका कहना है कि लड़की की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। बता दें कि इसी वीडियो के बाद ये मामला प्रकाश में आया था। पीड़िता ने वीडियो भेजकर मदद मांगी थी। यहां तक कि उसने इस क्लिप के आखिरी वीडियो होने का भी दावा किया था।

बीजेपी पर भी आरोप
वीडियो में लड़की ने कहा, ‘मेरे पास बचने का कोई रास्ता नहीं है। अगर मुझे कल कुछ हो जाता है तो इसके लिए मेरी मां जिम्मेदार होगी। बीते दो साल में एक मुसलमान से प्यार करने के चलते मैंने काफी कुछ सहा है। मुझे दो महीने तक मानसिक अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद, अन्य दो महीने के लिए आरएसएस संचालित अनाथाश्रम में भी रखा गया। और अब मैं यहां मंगलुरु में बीते कई महीनों से हूं, मुझे बाहर जाने की इजाजत नहीं है। इसमें बीजेपी का पूरा समर्थन है।’ पीड़िता के अनुसार ये सब अगस्त 2016 में, जब उसकी मां को इस बारे में पता चला। उसी रात से ही रिश्तेदारों ने उसे टॉर्चर करना शुरू कर दिया।

Published on:
07 May 2018 11:23 am