पुलिस सूत्रों के अनुसार इन नोटबुक में धार्मिक किताबें, रजिस्टर, डायरवी व कुछ बच्चों की किताबें शामिल हैं।
नई दिल्ली। दिल्ली के बुराड़ी में मिली एक ही परिवार के 11 लोगों की लाश मामले में नया मोड़ आ गया है। घटनास्थल से मिले रजिस्टर के बाद अब पुलिस को घर के पास से 25 नोटबुक मिली हैं। पुलिस ने उम्मीद जताई है कि इन नोटबुक से घटना संबंधी अहम जानकारी हाथ लग सकती है। सूत्रों के अनुसार इन नोटबुक में धार्मिक किताबें, रजिस्टर, डायरी व बच्चों की किताबें शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार मामले की जांच में जुटी दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम जब घटनास्थल पर पहुंची तो घटना से जुड़ी कुछ अहम जानकारी पुलिस के हाथ लगी। लोगों से पूछताछ में पुलिस को पता चला कि भाटिया परिवार में छोटे बेटे ललित की ही चलती थी। पता चला कि ललित ही बच्चों को पढ़ाया करता था। जानकारी के आधार पर पुलिस ने मौके से नोटबुक बरामद कीं। पुलिस के सामने अब सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर ललित ने उस दिन बच्चों को क्या पढ़ाया था और बच्चों ने नोट्स में क्या लिखा था? पुलिस जानकारी में यह भी सामने आया कि ललित को उसके मृतक पिता नजर आते थे और इस बात की जानकारी परिवार के बाकि सदस्यों को भी थी। पुलिस अब इस एंगल भी काम कर रही है कि कहीं इस परिवार ने इससे पहले तो मोक्ष प्राप्ति या परमात्मा से मिलने की प्रयास नहीं किया था।
क्या लिखा है नोट्स में
दरअसल, नोट्स में लिखा था, 'मोक्ष प्राप्ति के लिए हवन करने के बाद आप सब अपने कानों में रुई डालोगे और मुंह और आंखों पर कपड़ा बांधोगे। यह इसलिए ताकि एक-दूसरे को देख ना सको और न ही चीख-पुकार सुन पाओ। नोट्स में यह भी लिखा था कि अंतिम समय में जब आखिरी इच्छा के पूरे होने का समय आएगा तो उस समय आसमान हिलेगा और धरती कांप उठेगी, लेकिन तुम डरना मत बस मंत्रों का जाप करते रहना।