क्राइम

दिल्ली-NCR के पब्लिक स्कूलों में खतरे में है आपके लाडले की जान

गाजियाबाद के इंदिरापुरम जीडी गोयनका स्कूल में कक्षा 4 के छात्र अरमान की मौत के बाद  स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
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Updated: 1 Aug 2017, 5:32 PM IST
School Crime
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नई दिल्ली। गाजियाबाद के इंदिरापुरम के शक्ति खंड स्थित जीडी गोयनका स्कूल में कक्षा 4 के छात्र अरमान की मौत हो गई। परिजनों ने अरमान की मौत के लिए स्कूल को जिम्मेदार ठहराया है। परिजनों का आरोप है कि स्कूल की सीढिय़ों पर पानी पड़ा था। इसके कारण अरमान सीढ़ियों से फिसल गया और उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद एक बार फिर स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतने महंगे स्कूलों में भी मासूमों की जान सुरक्षित क्यों नहीं है? आखिर स्कूलों में होने वाली मौतों के लिए कौन जिम्मेदार है?




शिक्षक भी पड़ रहे मासूम पर भारी
इससे पहले शिक्षकों द्वारा की गई पिटाई के बाद छात्रों की मौत के मामले भी सामने आए हैं। 19 जुलाई को नोएडा के फेज-3 कोतवाली की चोटपुर कॉलोनी के एक पब्लिक स्कूल में शिक्षिका की पिटाई के बाद छात्र की मौत का मामला सामने आया था। यह 5 वर्षीय छात्र यूकेजी में पढ़ता था। शिक्षिका की पिटाई से बच्चे के सिर में सूजन आ गई थी, जिसकी वजह से उसने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था।

student death in school delhi के लिए चित्र परिणाम

दिल्ली के स्कूलों में पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
दिल्ली के पब्लिक स्कूलों में भी ऐसी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इन घटनाओं में कई छात्रों की जान भी जा चुकी है। पब्लिक स्कूलों के अलावा एमसीडी के स्कूलों में भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। रोहिणी के एक स्कूल में बच्चे के टैंक में गिरने से मौत का मामला भी सामने आ चुका है। वसंत कुंज के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में भी टैंक में गिरने से 6 साल के देवांश मीना नाम के छात्र की मौत हो चुकी है।

गुरुग्राम में भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
दिल्ली से सटे गुरुग्राम में भी पब्लिक स्कूल में बच्चों की मौत के कई मामले सामने हुए हैं। चार जुलाई को भी गुरुग्राम के एक नामी स्कूल में दुसरी मंजिल से गिरकर एक छात्र गंभीर रूप से घायल घायल हो चुका है। छात्र के परिजनों के इस घटना के लिए स्कूल प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया था। अभी बच्चे का मेंदाता अस्पताल में इलाज चल रहा है।

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