जातिसूचक टिप्पणी करने के मामले में क्रिकेटर युवराज सिंह को राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद अब शिकायतकर्ता ने मामले को सुप्रीम कोर्ट में ले जाने की बात कही है।
नई दिल्ली। अनुसूचित जाति को लेकर अपमानजनक टिप्पणी करने के मामले में क्रिकेटर युवराज सिंह की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पहले गिरफ्तारी फिर जमानत के बाद भी अभी उन्हें इस मामले में राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। अब शिकायतकर्ता युवराज की जमानत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की बात कह रहा है। दरअसल, शिकायतकर्ता वकील एवं सामाजिक कार्यकर्ता रजत कलसन पुलिस की कार्रवाई से अंसुष्टि हैं। उनका कहना है कि वो जल्द सुप्रीम कोर्ट में युवराज सिंह को मिली अंतरिम जमानत के आदेश को चुनौती देंगे।
औपचारिक तौर पर हुई युवराज की गिरफ्तारी
बता दें कि क्रिकेटर युवराज सिंह पर अनुसूचित जाति को लेकर अपमानजनक टिप्पणी करने पर एफआईआर दर्ज हुई है। इसके बाद मामले में हरियाणा की हांसी पुलिस ने युवराज सिंह को औपचारिक गिरफ्तार किया। वहीं गिरफ्तारी के तुरंत बाद उन्हें अंतरिम जमानत पर छोड़ दिया गया। बता दें कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर युवराज सिंह कल हांसी पुलिस के समक्ष पेश हुए थे, यहां करीब तीन घंटे की पूछताछ और औपचारिक गिरफ्तारी के बाद उन्हें अंतरिम जमानत पर छोड़ दिया गया।
इस पूरे प्रकरण पर शिकायतकर्ता वकील एवं सामाजिक कार्यकर्ता रजत कलसन पुलिस की कार्रवाई से अंसुष्टि हैं। उनका कहना है कि पुलिस ने नियमों के अनुसार इस एक्शन से उन्हें जानकारी नहीं दी। इसके साथ ही उन्होंने पुलिस पर युवराज सिंह को वीआईपी ट्रिटमेंट देने का आरोप भी लगाया है। रजत का कहना है कि वो युवराज सिंह को मिली जमानत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे।
गौरतलब है कि सामाजिक कार्यकर्ता रजत कलसन ने पुलिस में युवराज के खिलाफ शिकायत की थी। इसके बाद पुलिस ने शिकायत में दी गई सीडी की लैब में जांच करवाई। लंबी जांच के बाद इसी साल 14 फरवरी को हांसी पुलिस ने युवराज सिंह पर एससी एसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया था। जिसके बाद युवराज सिंह ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दर्ज की थी। जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी। इसके साथ ही युवराज सिंह को जांच में सहयोग करने का आदेश दिया गया है।