दमोह

अजब MP में गजब शादी : न बाराती आए, न हुए फेरे, एक मंत्र में हो गया 7 जन्मों का रिश्ता

Damoh News : MP के दमोह में अनोखी शादी देखने को मिली है। जहां न बाराती आए और न ही फेरे हुए। यहां मात्र 17 मिनट में शादी हो गई।
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Updated: 20 May 2024, 2:43 PM IST
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दमोह में एक अनोखी शादी देखने को मिली है

मध्यप्रदेश के दमोह से एक अनोखी शादी का मामला सामने आया है। जिसको हर कोई देख और सुनकर हैरान है। यहां बिना कोई रीति-रिवाज के मात्र 17 मिनट में ही एक लड़का और लड़का शादी के बंधन में बंध गए। ये विवाह दमोह कृषि उपज मंडी में संत रामपाल बाबा द्वारा बीते कई सालों से बिना दहेज के शादी करा रहे हैं। इस विवाह की सबसे खास बात ये है कि यहां न तो मंत्रों का उच्चारण होता है, न तो फेरे लिए जाते हैं, न बाराती, न बैंड-बाजा होता है। सिर्फ एक मंत्र में पति-पत्नी शादी के बंधन में बंध जाते हैं।

यहां शादी में नहीं लगता दहेज


यहां शादी कराने का केवल एक ही उद्देश्य है। दहेज प्रथा को रोकना और उसे जड़ से खत्म करके फिजूलखर्चों पर रोक लगाकर, समाज को एक नई दिशा देना। यहां के रामपाल बाबा का कहना है कि पिता बेटी के जन्म से ही पाई-पाई जोड़कर उसकी शादी के लिए पैसे जमा करने लगता है। ताकि वह दहेज देकर अपनी बेटी को अच्छे घर में भेज पाए।


रामपाल बाबा ने दिलाया है अनोखा संकल्प


शादी में मौजूद लोगों का कहना था कि दहेज की प्रथा आज की नहीं ये सदियों से चली आ रही है। सरकार ने इसे खत्म करने के लिए दहेज अधिनियम कानून बनाया था, लेकिन फिर ये किसी न किसी रूप में इसका आदन-प्रदान हो रहा है। संत रामपाल बाबा द्वारा हर रविवार को दहेज मुक्त विवाह कराए जाते हैं। जिसमें सिर्फ 17 मिनट का समय लगता है। इसमें न तो किसी तरह की फिजूलखर्ची होती और न ही दुल्हा-दुल्हन सजते हैं। बता दें कि, यहां इस शादी को लवेड़ी विवाह कहा जाता है। यहां पहली शादी धर्मेंद दास और अंजना दासी की हुई है।

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20 May 2024, 2:43 PM IST
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