damoh kundalpur rail line: दमोह से कुंडलपुर रेल लाइन के सर्वे की घोषणा हुए वर्षों बीत चुके हैं, सर्वे हो भी चुका है, लेकिन अब तक इस रेल लाइन को बिछाने के लिए अंतरिम बजट की घोषणा बजट में नहीं की गई है।
damoh kundalpur rail line: केंद्र और राज्य सरकारें अपने-अपने बजट लेकर आने वाली हैं, लेकिन पिछले कुछ बजटों में हुई घोषणाएं अब तक पूरी नहीं हो सकी है। दमोह से कुंडलपुर रेल लाइन के सर्वे की घोषणा हुए वर्षों बीत चुके हैं, सर्वे हो भी चुका है, लेकिन अब तक इस रेल लाइन को बिछाने के लिए अंतरिम बजट की घोषणा बजट में नहीं की गई है। ऐसे में लोग अब इस बार इस बड़ी मांग की आस में है। इसके साथ ही दमोह से नागपुर रेल सेवा, दमोह स्टेशन से फर्राटा मारकर निकल रही ट्रेनों के स्टॉपेज सहित अन्य मांगों की आस भी लगाए बैठे हैं।
विश्व प्रसिद्ध जैन धर्म के पवित्र तीर्थ कुंडलपुर जहां पर भारत ही नहीं पूर्व विश्व से जैन धर्म के अनुयायी कुंडलपुर के बड़े बाबा भगवान आदिनाथ के दर्शन करने आते है, लेकिन रेल सुविधा नहीं होने से अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता है, जिसको लेकर 19 साल से 100 से अधिक ज्ञापन विभिन्न समितियों द्वारा दिए जा चुके हैं। साथ ही 50 से अधिक जनप्रतिनिधि भी इस मांग को लेकर पत्र लगा चुके हैं।
दमोह से कुंडलपुर (damoh kundalpur) के बीच नई रेल लाईन का सर्वे पूर्व में दो बार हो चुका हैं तथा 2007 को भारतीय रेलवे ने स्वीकृति प्रदान की थी, लेकिन राज्य शासन द्वारा वित्तीय स्वीकृति नहीं दिए जाने से उक्त कार्य लंबित है।
दिगम्बर सिद्ध क्षेत्र कुंडलपुर के लिए सांसद के माध्यम से रेल मंत्री को भी ज्ञापन सौंपा जाएगा, जिससे यह रेल लाईन बन सकें। इस रेल लाईन के लिए 17 वर्षों से प्रयासरत हैं और केंद्र की स्वीकृति भी प्राप्त हुई थी, पर राज्य सरकार द्वारा वित्तीय स्वीकृति नहीं दी गई, जिस कारण से यह लंबित हो गया।
-रतन चंद जैन, दमोह
दमोह रेलवे स्टेशन से कुंडलपुर तक लाइन का सर्वे हो चुका है। शासन को इस बार रेल लाइन के लिए बजट जारी करना चाहिए। इस रेलवे लाइन के काम से दमोह से पन्ना की कनेक्टिविटी की संभावनाएं भी बढ़ जाएगी। इसके अलावा दमोह से नागपुर के लिए ट्रेन की मांग लंबे समय से की जा रही है। जो बहुत जरूरी है।
-महेंद्र जैन, दमोह