नगरपालिका थमा चुकी है दो को नोटिस, अब आगे भी कार्रवाई संभावित
दमोह. शहर के बीचों-बीच और वार्डों में बड़े-बड़े निर्माण कार्य चल रहे हैं। रहवासी तो कहीं व्यसायिक परिसर बनाए जा रहे हैं। पांच-पांच मंजिल तक निर्माण हो रहे हैं, लेकिन इसके लिए नरगपालिका से भवन निर्माण की अनुमति लेना जरूरी नहीं समझ रहे हैं। खास बात यह है कि इन भवनों के निर्माण में भले ही महीनों का समय लग रहा है, लेकिन इतने सब के बाद भी नगरपालिका को इनकी भनक तक नहीं लग रही है। वहीं कुछ मामलों में नगरपालिका के फील्ड कर्मचारी ही अपने स्तर पर निबटाने में लगे हुए हैं। जिससे नगरपालिका को मिलने वाले राजस्व में बड़ा नुकसान हो रहा है।
पत्रिका ने जब मामले में पड़ताल की तो शहर में इस समय ५० से अधिक बड़े परिसरों में निर्माण कार्य चल रहा हैं। इनमें से कोई ६ महीने तो कोई ४ महीने निर्माणाधीन हैं, लेकिन निर्माण की अनुमति के मामले में एक-दो मकान मालिकों को छोड़कर किसी ने भी रुचि नहीं दिखाई है। इतना ही नहीं वह इसे फिजूल ही मानते हैं। इन निर्माण स्वामियों से जब पत्रिका ने चर्चा की तो उनका कहना था कि इससे वह ताल्लुक नहीं रखते हैं, क्योंकि और भी इतने निर्माण हुए, किसी ने भी अनुमति नहीं ली, फिर वह क्यों लें। इतना ही नहीं वह यहां तक मानते हैं कि जो भी उनकी साइट पर आएगा, वहीं समझ लेंगे।
शहर में जगह-जगह निर्माण, सुरक्षा के भी नहीं इंतजाम
शहर के मुख्य बाजार क्षेत्र, घंटाघर पलंदी चौराहा मार्ग, राय चौराहा मार्ग, स्टेशन मार्ग, रेलवे स्टेशन के पास, तीन गुल्ली रोड, किल्लाई नाका रोड सहित वार्डों में जगह-जगह इन दिनों बड़े-बड़े निर्माण कार्य चल रहे हैं। जिसमें लोग ४ से ५ मंजिला तक मकान खीच रहे हैं। खास बात यह भी है भवन निर्माण अनुज्ञा नहीं होने के साथ-साथ इनके पास सुरक्षा के भी कोई इंतजाम नहीं रहते हैं। हाल ही में नगरपालिका ने टॉकीज तिराहा पर बन रही आदिनाथ डेव्लपर्स को नोटिस थमाया है। जिसमें स्पष्ट हुआ है कि जो परमीशन हुई थी, उसके विपरीत काम हुआ है। इतना ही नहीं हाइट, जगह और नक्शा का भी ध्या नहीं रखा गया। इसके अलावा नया बाजार २ में बन रही नेहा जैन की बिल्डिंग में भी इसी तरह की खामियां सामने आई हैं। जिसके आधार पर नोटिस देकर दस्तावेज मांगे गए हैं।
बरंडा हादसे के दौरान देखने मिली बड़ी लापरवाही
शहर के बीचों-बीच बरंडा में बीते महीनों में हुए हादसे के दौरान भवन निर्माण अनुज्ञा से संबंधी बड़ी लापरवाही सामने आई थी। जिस पर कलेक्टर ने नगरपालिका के कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई भी की थी। साथ ही निर्देश दिए थे कि बाजार क्षेत्र हो या रहवासी क्षेत्र बिना भवन अनुज्ञा के निर्माण कार्य नहीं होना चाहिए। ऐसा होने पर पहली कार्रवाई कर्मचारी पर होगी, लेकिन इसके बाद भी लापरवाहियां देखने मिल रही हैं।
तो अवैध घोषित हो सकता है निर्माण
नगरपालिका भवन निर्माण निमय के तहत किसी भी भवन के निर्माण के पहले उसकी अनुज्ञा लेना जरूरी है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन किया जाता है। जिसके बाद नगरपालिका द्वारा भौतिक सत्यापन कर अनुमतियां जारी की जाती हैं। निर्माण की अलग-अलग कैटेगिरी के अनुसार अनुमतियां दी जाती हैं। बिना अनुमति निर्माण करने पर दिन के हिसाब से जुर्माना लगाने तक का प्रावधान है। साथ ही निर्माण भी अवैध घोषित किया जा सकता है। इतना ही नहीं कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
वर्शन
तीन महीनों में एक भवन निर्माण अनुज्ञा के लिए आवेदन नगरपालिका के पास नहीं आया है। इसके पूर्व में कितने आवेदन आए हैं, इसका पता लगाया जा रहा है। अनुमति के अनुसार भी काम नहीं होने पर कार्रवाई की जा रही है।
अरविंद सिंह राजपूत, प्रभारी भवन निर्माण अनुज्ञा