दमोह

damoh rape case : पकड़े जाने के बाद कुकर्मी ने बोल दी यह बड़ी बात, सुनकर रह गए सब दंग, सुने VIDEO

मासूम के दुराचारी की खुरई से गिरफ्तारी के बाद खुलासा

3 min read
Jul 22, 2018
damoh rape case : पकड़े जाने के बाद कुकर्मी ने बोल दी यह बड़ी बात, सुनकर रह गए सब दंग, सुने VIDEO

दमोह.17 जुलाई की रात नींद में पिता के साथ रेलवे स्टेशन सो रही बेटी को दरिंदा गोद में उठाकर ले गया। रात 10बजे के लगभग स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक से लोको क्षेत्र के एक सामूदायिक भवन के पास ले गया। जहां पर उसने मासूम के साथ दुराचार किया। लहूलुहान हो चुकी मासूम दर्द से चीखती-पुकारती रही, लेकिन दरिंदे पर कोई फर्क नहीं पड़ा। लेकिन इसी बीच जब उसने कहा चाचा तो मासूम को चाचा शब्द सुनकर आत्मग्लानी हुई जिसने लहूलहुहान हो चुकी मासूम को छोड़ दिया।

बाद में जब वह बेहोश हो गई तो उसे अपनी एक शर्ट से ढक दिया और वह भी समीप सो गया। बाद में सुबह करीब 5 बजे दरिंदे की नींद खुली होश आया तो वह वहां से मासूम की पायलें उताकर वहां से फरार हो गया। बाद में वह बांदकपुर पहुुंचा। जहां पर एक ज्वेलरी की दुकान में उसने मासूम की पायलें पांच सौ रुपए में यह कहकर बेच दीं कि उसकी बेटी को भूख लगी है और वह पायलें बेचना चाहता है। सोनी ने उसकी पायलें खरीद लीं। बाद में वह किसी ट्रेन से बैठकर पहले सागर फिर खुरई पहुंच गया। जिसे खुरई से शुक्रवार देर शाम खुरई पहुंचकर दमोह पुलिस ने दरिंदे श्यामलाल अहिरवार पिता पूरन लाल अहिरवार (35) निवासी पटऊआ थाना बंडा निवासी को गिरफ्तार किया।

ऐसे हुई पहचान -
एसपी विवेक अग्रवाल ने पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि आरोपी की कोई पहचान नहीं थी। उसकी शिनाख्ती किया जाना बहुत बड़ा चैलेंज था। जिसको लेकर पहले सीसीटीवी फुटेज मिला। उसके बाद आरोपी तक पहुंचने उसकी शिनाख्ती के लिए कई कबाडिय़ों सहित अन्य लोगों को दिखाना पड़ा। बीडीओ व फोटो को तुरंत ही सोसल मीडिया पर वायरल किया गया। इसके बाद एक शख्स ने आरोपी की पहचान कर ली। बाद में उसका पता भी मिल गया। जिसकी शिनाख्ती होने के बाद आरोपी को तलाशना भी कठिन था। जिसके पास मोबाइल भी नहीं था। इसलिए परेशानी हो रही थी। यही कारण है कि क्षेत्र से लगे जिलों में आरोपी की असली फोटो प्राप्त कर उसे विभिन्न जिलों के थानों में भेजा गया।

कबाड़ बेचकर खाना बदोस की जिंदगी बसर करता था आरोपी-
मामले में पुलिस ने बताया है कि आरोपी श्यामलाल अहिरवार पिछले 2-3सालों से दमोह में ही रहकर कबाड़ बीनकर मिलने वाली मजदूरी से शराब पीता था व खाना बगैरह खाकर स्टेशन पर जाकर सो जाता था। यह उसकी रोज की प्रक्रिया थी। घटना के दिन भी वह स्टेशन पर सोया था। जहां पर पहले से सो रहे किसी लेवर ने उसे वहां से भगा दिया था। बाद में वह मासूम के बाजू में जाकर सो गया था। लेकिन वहां उसका मन पलटा और मासूम को लेकर लोको क्षेत्र में एक सामूहिक भवन के पास ले गया था।

यहां से हो सकी गिरफ्तारी -
आरोपी की लोकेशन पहले सागर मिली उसके बाद दिन खुरई में मिलने के बाद पुलिस की एक टीम खुरई पहुंची। जिसमें पुलिस टीम के साथ एक ऐसा व्यक्ति भी साथ रहा जो उसे पहचानता था। जिसकी शिनाख्त पर आरोपी को स्टेशन के समीप से खुरई से गिरफ्तार किया गया। इस दौरान खुरई की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। जिन्होंने आरोपी को अपने कब्जे में लेकर एसडीओपी के यहां ले गए। उसके बाद उसे दमोह पुलिस के हवाले किया गया। खास बात यह है कि पहले से आइजी द्वारा घोषित 25 हजार रुपए के इनाम के बाद डीजीपी ऋषि कुमार शुक्ला ने 50 हजार की राशि इनाम में देने की घोषणा की। जिसे अलग-अलग चरणों में टीम को देने की बात कही। इसके अलावा पीजी कॉलेज के जनभागीदारी समिति अध्यक्ष पं. सतीष तिवारी ने एसपी के पास पहुंचकर उन्हें पूर्व से घोषित २१ हजार रुपए की राशि का चैक थमाया तो एसपी ने टीम को देने की बात कही। इस दौरान एसपी का सम्मान भी किया गया। कुछ अन्य संगठनों से जुड़े लोगों ने भी पहुंचकर एसपी को फूल मालाएं पहनाकर सम्मानित किया।

Published on:
22 Jul 2018 12:28 pm
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