दमोह

Dengue Stinger: मप्र में डेंगू से किशोर की मौत

स्वास्थ्य विभाग को नहीं मिली जानकारी, शनिवार को बिगड़ी थी तबीयत, बुधवार की रात जबलपुर में उपचार के दौरान मौत
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Sep 08, 2017
dengue positive case
two dengue positive case find in sagar

दमोह. जिले में स्वाइन फ्लू से नगरपालिका कर्मचारी की मौत होने के बाद अब एक किशोर की डेंगू से मौत होने का मामला सामने आया है। खास बात यह है कि स्वाइन फ्लू और डेंगू से मौत होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोई खास पहल नहीं की जा रही है। न ही क्षेत्रों का सर्वे कर लार्वा तलाशने और नष्ट करने का कार्य किया जा रहा है।
पटेरा के वार्ड नंबर 7 निवासी सुनील तिवारी के पुत्र अनिरुद्ध तिवारी १३ की बुधवार की रात जबलपुर में उपचार के दौरान मौत हो गई। जिसका शव पटेरा पहुंचने के बाद गुरुवार की सुबह अंतिम संस्कार किया गया। अनिरुद्ध की मौत डेंगू से होना बताया गया है। जिसकी रिपोर्ट भी मृतक के पिता ने दिखाई है। अनिरुद्ध को डेंगू एनएस-१ पॉजीटिव पाया गया था। जिसके कारण लगातार उसकी सेल लगातार डाउन होती जा रही थी। पहले दिन २ लाख से अधिक सेल दूसरे दिन ६१ हजार पर पहुंच गई। इसके बाद बिगड़ी अनिरुद्ध की हालत में सुधार नहीं हो सका।
मृतक के पिता सुनील तिवारी ने बताया कि अनिरुद्ध गांव के ही कॉनवेंट स्कूल में पढ़ता था। शनिवार को अचानक तबीयत बिगडऩे के बाद उसका प्राथमिक उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कराया था। जहां से जिला अस्पताल रेफर किया गया था, लेकिन हम एक निजी अस्पताल लेकर अनिरुद्ध को पहुंचे। जहां हुईं जांच की रिपोर्ट में डेंगू के लक्षण नजर आने के बाद डॉक्टर ने तत्काल ही अनिरुद्ध को जबलपुर ले जाने कहा था। इसके बाद अनिरुद्ध को मेडिकल जबलपुर ले जाया गया, जहां व्यवस्था समझ नहीं आने पर जबलपुर की ओमेगा अस्पताल में उसे मंगलवार को भर्ती कराया गया।
मंगलवार को अनिरुद्ध के विभिन्न टेस्ट यहां किए गए। इधर प्लेट्स और सेल भी लगातार डाउन होते जा रहे थे। जबकि डेंगू एनएस-१ पहले ही पॉजीटिव आ गया था। उपचार के बाद बुधवार की रात डॉक्टर ने अनिरुद्ध को वेंटीलेटर पर ले जाने के लिए कह दिया गया, जहां से आधे घंटे बाद ही उसे मृत घोषित कर दिया गया। गुरुवार की सुबह पटेरा पहुंचे तिवारी परिवार ने जब लोगों को इसकी जानकारी दी तो डेंगू का मामला स्पष्ट हो सका।
सीएमओ और बीएमओ करते रहे इंकार
पटेरा में डेंगू का पॉजीटिव मामला और किशोर की मौत होने के बाद भी सीएमएचओ डॉ. आरके बजाज और बीएमओ पटेरा अशोक बडोन्या मामले की जानकारी होने से इंकार करते नजर आए। दोनों ही अधिकारियों को पत्रिका द्वारा जानकारी दिए जाने के बाद ही मामले को संज्ञान में लिया गया। पटेरा बीएमओ डॉ. अशोक बडोन्या ने बताया कि आपकी जानकारी के बाद मौके पर स्वास्थ्य विभाग के अमले को भेजा गया है। जो मृत बालक के परिजनों से चर्चा करेगा। साथ ही जबलपुर में उपचार की डीटेल भी प्राप्त की गई है।
लार्वा की तलाश शुरु, छिड़काव किया
डेंगू का मामला सामने आने के बाद अब स्वास्थ्य विभाग की टीम वार्ड में डेंगू के लार्वा खोजना शुरु कर दिया गया है। वार्ड की नालियों और वॉटर स्टोरेज वाले स्थानों पर छन्ने लगाकर लार्वा तलाश किया जा रहा है। साथ ही वार्ड और आसपास जरूरी दवाईयों का छिड़काव किया गया। इसके अलावा अनिरुद्ध के स्कूल के आसपास भी यही प्रक्रिया की गई है।
वर्जन
दोपहर तक कोई रिपोर्ट जबलपुर पर अपलोड नहीं की गई है, जिससे की आपको डेंगू से किसी की मौत होने की जानकारी दे सकूं, लेकिन आपने जो सूचना दी है उसके आधार पर पटेरा में पता कराता हूं। अगर डेंगू से मौत होना स्पष्ट है तो यह गंभीर मामला है। पूरे वार्ड का सर्वे कराया जाएगा।
डॉ. आरके बजाज, सीएमएचओ दमोह

Published on:
08 Sept 2017 12:10 pm