
funeral delayed due to flooded nala, नाले में से निकलती शव यात्रा (Source- Patrika)
Damoh Funeral Delayed Due to Flooded Stream: मध्यप्रदेश के दमोह जिले के जबेरा में एक बार फिर सिस्टम की नाकामी की एक तस्वीर सामने आई है। यहां पहले से ही एक सदस्य को खोने का दर्द झेल रहे परिवार को मजबूरी में 6 घंटे इंतजार करना पड़ा। दरअसल बारिश के कारण नाले के उफान पर होने के कारण परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव नहीं ले जे पाए और जब 6 घंटे बाद नाले का पानी उतरा और बहाव कम हुआ तो शव श्मशान घाट तक ले जाया गया और अंतिम संस्कार हो पाया।
सिंग्रामपुर के टगरा मोहल्ले में रहने वाली वर्षा चौधरी का निधन होने के अंतिम संस्कार के लिए 6 घंटे तक परिजनों को इंतजार करना पड़ा। परिजन कई घंटे तक शव को घर पर रखकर पानी का बहाव कम होने का इंतजार करते रहे। करीब 6 घंटे बाद जब पानी कुछ कम हुआ तो ग्रामीणों ने नाला पार किया और किसी तरह पार्थिव शरीर को मुक्तिधाम में ले जाकर अंतिम संस्कार किया। स्थानीयों ने बताया कि यह सिर्फ एक परिवार की परेशानी नहीं है, पूरे मोहल्ले की परेशानी है। टगरा मोहल्ले के लोगों के लिए बारिश का मौसम हर साल यही डर लेकर आता है कि जरूरत पड़ने पर नाला पार कैसे करेंगे। खासकर अंतिम यात्रा के समय यह समस्या और ज्यादा पीड़ादायक हो जाती है।
25 जुलाई 2024 को इसी समस्या को लेकर खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने अगले ही दिन 26 जुलाई को मामले का संज्ञान लिया था। जनपद पंचायत और आरईएस की टीम मौके पर पहुंची, नाप-जोख हुई और फलको नाला पर स्लैब कल्वर्ट के लिए 40.61 लाख रुपए का प्राक्कलन तैयार किया गया। ग्रामीणों को लगा कि अब समस्या का स्थायी समाधान हो जाएगा। लेकिन दो साल गुजरने के बाद भी नाला जस का तस है। बारिश आई तो फिर रास्ता बंद और अंतिम यात्रा फिर पानी के भरोसे। आरईएस एसडीओ जबेरा शिवाजी के अनुसार, प्रारंभिक स्लैब कल्वर्ट की लागत 40.61 लाख रुपए थी। बाद में इसे पक्की सड़क के साथ बनाने की योजना से पूरी परियोजना की लागत एक करोड़ रुपए से अधिक हो गई। अब शासन स्तर से स्वीकृति का इंतजार है।
Updated on:
20 Aug 2026 10:00 pm
Published on:
20 Aug 2026 10:00 pm
