
Ex Principle of Damoh Patera School on Independence day manch
दमोह जिले के पटेरा एक्सीलेंस स्कूल में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के मंच पर उस समय गहमागहमी के हालात हो गए, जब स्कूल की पूर्व प्रभारी प्राचार्य वंदना भोज ने मंच से बोलना शुरू किया। उन्होंने माइक से स्कूल के बच्चों को ऐसी नसीहत दी कि वर्तमान प्राचार्य और स्टाफ सकते में आए। मैडम ने कहा बच्चों इतना पढऩा कि प्राचार्य बनने रिश्वत देने की जरूरत न पड़े, भ्रष्टाचार कर किसी सीनियर को ओवरटेक न करना पड़े। इस दौरान उन्होंने उदारहण में वर्तमान प्राचार्य कमलेश शर्मा का भी जिक्र भी किया।
उनके इस वक्तव्य पर बच्चों ने भी तालियां गड़बड़ा दीं। स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के मंच पर हुए घटनाक्रम का जैसे ही वीडियो सामने आया, पूरे शिक्षा विभाग में हड़कंप के हालात हो गए। अब मामले में शिक्षका को नोटिस जारी करने की बात विभागीय अधिकारी कर रहे हैं। साथ ही इसे अनुशासनहीनता मान रहे हैं। हालांकि, शिक्षका के मंच से किए गए सवाल ने भी पद व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्वतंत्रता दिवस के मंच से तंज कसते हुए वीडियो सामने आने के बाद पत्रिका ने पूरे मामले की पड़ताल की। एक्सीलेंस स्कूल पटेरा में प्राचार्य पद के लिए बीते एक महीने से विवाद चलना बताया गया। करीब 10 महीने तक प्राचार्य रही उच्च माध्यमिक शिक्षक वंदना भोज को एक सप्ताह पहले डीइओ ने प्राचार्य पद से हटा दिया था। उन पर छुट्टी के दिन स्कूल के रद्दी बेचने सहित अन्य आरोप थे। अब इनके बाद एक सीनियर शिक्षक को प्राचार्य का पद दिया जाना था, लेकिन उनकी जगह उच्च प्रभार शिक्षक कमलेश शर्मा को प्राचार्य का प्रभार दे दिया था। पहले तो वंदना भोज ने प्रभार देने से आनाकानी की, बाद में 11 अगस्त को प्रभार सौंपा। इसके बाद वह स्वतंत्रता दिवस पर झंडा फहराने के लिए अड़ गई, लेकिन प्राचार्य नहीं होने की स्थिति में ऐसा करने से उन्हें मना कर दिया गया। इसके बाद लगातार स्कूल में विवाद चल रहा था।
मामले में डीइओ सत्यम चौरसिया ने बताया कि बीते एक सप्ताह से पटेरा एक्सीलेंस स्कूल में प्राचार्य पद को लेकर विवाद चल रहा है। पूर्व प्राचार्य 15 अगस्त पर ध्वजारोहण के लिए अड़ी थीं, ऐसे में पटेरा पुलिस को लिखित सूचना दी गई थी कि कार्यक्रम में व्यवधान न हो, इसके लिए उपस्थित रहे। इसीलिए पुलिस की मौजूदगी में ही पटेरा में प्राचार्य कमलेश शर्मा ने ध्वजारोहण किया था। इसके बाद यह वीडियो सामने आया है, जो अनुशासन हीनता है। इस संबंध में शिक्षका को नोटिस जारी कर जवाब लिया जाएगा। साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी भेजी जाएगी। जहां तक बात सीनियरटी ओवरटेक की है, तो वंदना भोज के बाद जो शिक्षक पद के लिए थीं, उन्होंने प्राचार्य के लिए असहमति लिखकर दी थी, इसके बाद शर्मा को प्राचार्य प्रभार दिया गया है।
ूपर्व प्राचार्य वंदना भोज का जो वीडियो सामने आया है उसमें वह कहती नजर आ रही हैं कि आजादी के लिए अमर शहीदों ने प्राणों के बलिदान दिए, वह सबको पता है। लेकिन, आज के लोग हैं जो भ्रष्टाचार कर रहे हैं, वो देश की नाश करने में लगे हुए हैं। आप लोग केवल छात्र हैं, बच्चे हैं, मैं केवल इतना कहना चाहती हूं, कि आप इतनी मन लगाकर पढ़ाई करें कि कमलेश शर्मा (वर्तमान प्राचार्य) जैसी जरूरत न पड़े भ्रष्टाचार करने की, कि अपने सीनियर को ओवरटेक करके, पैसा देके प्राचार्य बनने की जरूरत आप लोगों को न पड़े। आप लोग इतनी पढ़ाई करना। इसके बाद बच्चों ने तालियां बजाईं। मामले में वंदना भोज और कमलेश शर्मा से भी संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका है।
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Updated on:
16 Aug 2026, 7:27 PM IST
Published on:
16 Aug 2026, 7:27 PM IST
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