
Damoh News :मध्य प्रदेश के दमोह में दुर्गा विसर्जन के दौरान मंगलवार शाम फुटेरा तालाब पर उस समय हालात बिगड़ गए, जब एक घाट पर लगे बेरिकेड्स को दुर्गोत्सव समिति के लोगों ने हटाने का प्रयास किया और नगरपालिका सीएमओ उन्हें रोकने पहुंचे। इस दौरान हुए वाद-विवाद के दौरान सीएमओ पर अभद्र भाषा का उपयोग करने के आरोप सामने आए, इसके बाद दुर्गा उत्सव समिति के लोगों ने मौके पर ही विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, जो करीब एक से डेढ़ घंटे तक चलता रहा। प्रदर्शनकारी सीएमओ माफी मांगें की मांग करते रहे, लेकिन सीएमओ ने माफी नहीं मांगी। इसके बाद धरना शुरू हो गया
बाद में पुलिस, प्रशासन के अधिकारियों ने दुर्गा उत्सव समितियों के अधिकारियों ने समझाइश दी। काफी देर मशक्कत के बाद कार्यकर्ता मानें तब कहीं जाकर शाम 6 बजे के बाद दोबारा विसर्जन शुरू हो सका। इस दौरान काफी भीड़ फुटेरा तालाब के पास जमा हो गई।
दरअसल, नगरपालिका परिसर रेलवे स्टेशन इलाके की दुर्गा विसर्जन के लिए दुर्गा उत्सव समिति के लोग दिन में ही फुटेरा तालाब पहुंच गए थे। शाम करीब 4.30 बजे जैसे ही वो पहुंचे और तखत पर देवी प्रतिमा को एक घाट के समक्ष विसर्जन के लिए उतारा गया। इस दौरान घाट के सामने लगे बेरिकेड्स दुर्गा उत्सव समिति के लोगों ने विसर्जन के लिए हटा दिए। ये देखकर मौके पर मौजूद नगरपालिका सीएमओ राजेंद्र सिंह लोधी वहां पहुंचे और बेरिकेड्स हटाने का विरोध किया, जिस पर से दुर्गाउत्सव समिति के लोगों और सीएमओ के बीच कहासुनी और तीखी नोंकझोक शुरु हो गई।
इस दौरान किसी बात पर से सीएमओ ने दुर्गाउत्सव समिति के सदस्य व भाजपा नेता सतीश तिवारी पर कुछ टिप्पणी कर दी, जिसे अभद्र बताया जा रहा है। आरोप हैं कि, सीएमओ द्वारा ये भी कहा गया कि, 'सुन बे, नेतागिरी मत कर, दो मिनट में बता देंगे', इसी बात पर दुर्गाउत्सव समिति के लोग भड़क गए और सीएमओ पर टूट पड़े। हालांकि, झगड़े की स्थिति न बने, इसे देख पुलिसकर्मियों ने सीएमओ को मौके से अलग कर दिया।
विवाद के बाद दुर्गाउत्सव समिति के कार्यकर्ता आक्रोषित हो गए। उन्होंने सीएमओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान सीएमओ मुर्दाबाद के नारे भी लगे। प्रदर्शनकारियों द्वारा सीएमओ पर मनमानी के आरोप लगाए गए। इस दौरान लोगों ने एक बार फिर सीएमओ को घेर लिया और उनसे अभद्रता करने का कारण पूछा। हालांकि, इस दौरान शांत ही रहे। भीड़ में मौजूद लोगों ने सीएमओ से माफी मांगकर बात खत्म करने को कहा, लेकिन सीएमओ ने इसपर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
इसके बाद प्रदर्शनकारी सीएमओ को छोड़कर सीधे मुख्य मार्ग पर बैठ गए और धरना प्रदर्शन करने लगे, जो करीब दो घंटे चला। घटनाक्रम की जानकारी लगने पर सीएसपी एचआर पांडेय, प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाइश दी। साथ ही, देवी विसर्जन के लिए आग्रह किया। इसके बाद ही लोग माने।
दुर्गा उत्सव समिति से सतीश तिवारी ने कहा कि, हम सभी विसर्जन में गए थे। बेरिकेड्स हटाए तो सीएमओ बहस करने लगे और उन्होंने कहा कि, तुम लोगों की बेरीकेड्स हटाने की हिम्मत कैसे हुई। जब हमने जवाब दिया तो वे बदतमीजी करने लगे। उनके द्वारा कहे अपशब्दों पर भड़ककर भीड़ आक्रोशित हो गई और धरना प्रदर्शन कर दिया। मारपीट जैसी कोई स्थिति नहीं बनी।
नगरपालिका सीएमओ राजेंद्र सिंह लोधी का कहना है कि, प्रशासन द्वारा घाटों पर विसर्जन की व्यवस्था बनाई गई है। इस दौरान स्टेशन नगरपालिका परिसर में रखी दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए आई थी। इनके द्वारा बेरिकेड्स हटा दिए गए, जिसे रोकने गए थे। किसी भी तरह से अभद्रता नहीं की गई, बल्कि मेरे साथ ही लोगों ने अभद्रता की है। भीड़ के लोग मुझ पर टूट पड़े और हाथापाई भी की। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को सूचना दे दी है, वहां से निर्देश मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई करेंगे।
वहीं, दमोह सीएसपी एचआर पांडेय का कहना है कि, विसर्जन के दौरान दुर्गा उत्सव समिति के लोगों और सीएमओ के बीच कुछ कहासुनी हुई है। सूचना पर तत्काल पहुंचकर लोगों को समझाइश दी गई और मामला शांत कराया गया।