दमोह

Damoh Crime : पहले 104 रुपए लौटाकर जीता भरोसा, फिर उड़ाए 42 लाख

Online Trading Fraud Case : ऑनलाइन ट्रेडिंग के जरिए मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर 42.46 लाख रुपए की ठगी करने वाले आरोपी को हटा कोर्ट ने 7 साल की सजा सुनाई है।
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Oct 15, 2026
Online Trading Fraud Case
दमोह में ठगी के मामले में कोर्ट का फैसला (फोटो सोर्स: ANI)

Damoh News :मध्य प्रदेश के दमोह जिले के हटा में ऑनलाइन ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर 42 लाख 46 हजार 550 रुपए की ठगी करने के मामले में हटा न्यायालय ने आरोपी मंजूर आलम को 7 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। यही नहीं कोर्ट ने आरोपी पर 5 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। ये फैसला न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) हटा की न्यायालय में न्यायाधीश निधि जैन द्वारा सुनाया गया है।

टेलीग्राम ग्रुप पर दिया मुनाफे का लालच

अभियोजन के अनुसार, ग्राम कुआखेड़ा बाजी, तहसील पटेरा में रहने वाली प्रीति गर्ग के साथ 23 नवंबर 2024 से 25 दिसंबर 2024 के बीच ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर धोखाधड़ी हुई थी। फरियादी को टेलीग्राम पर एक ग्रुप का लिंक मिला था, जहां ट्रेडिंग से जुड़े निर्देश दिए जाते थे। इन निर्देशों पर भरोसा कर उन्होंने ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर अपना खाता संचालित करना शुरू कर दिया। शुरुआत में खाते में मुनाफा हुआ। फरियादी ने जब 110 रुपए निकालने का प्रयास किया तो प्लेटफॉर्म शुल्क काटकर 104.50 रुपए उनके खाते में जमा कर दिए। इससे उन्हें प्लेटफॉर्म पर भरोसा हो गया और उन्होंने अधिक मुनाफे की उम्मीद में रकम जमा करना शुरु कर दी।

अलग-अलग शुल्क के नाम पर जमा किए लाखों रुपए

अभियोजन के मुताबिक, वन एंड वन ट्रेडिंग और आईसीई सिंगापुर समेत अन्य प्लेटफॉर्म पर अधिक मुनाफे का लालच दिया गया। निवेश, कमीशन और विभिन्न शुल्कों के नाम पर फरियादी से अलग-अलग किश्तों में कुल 42,46,550 रुपए जमा कराए गए। जब उन्होंने ट्रेडिंग खाते में दिखाए गए मुनाफे की राशि निकालनी चाही तो खाते के फ्रीज होने की जानकारी देकर अतिरिक्त रकम जमा करने को कहा गया। इसपर भी कमीशन और अन्य शुल्कों के नाम पर पैसों की मांग जारी रही। रकम वापस न मिलने पर फरियादी को धोखाधड़ी का शक हुआ।

बैंक खातों की जांच हुई तो सामने आया सच

पीड़िता ने 25 दिसंबर 2024 को साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज की। अगले दिन दमोह साइबर सेल में शिकायत पहुंची और 12 जनवरी 2025 को थाना हटा में लिखित आवेदन पेश किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। फरियादी द्वारा दिए बयान के आधार पर बैंक खातों के विवरण, ऑनलाइन भुगतान के दस्तावेज और साइबर सेल से मिले लेन-देन संबंधी रिकॉर्ड की जांच की, जिसमें सामने आया कि, फरियादी की रकम जिस बैंक खाते में डाली गई, वो मंजूर आलम के नाम पर था। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में अभियोगपत्र प्रस्तुत किया।

कोर्ट ने मंजूर आलम को ठहराया दोषी

मामले में पैश किए गए मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ साथ अभियोजन पक्ष के तर्कों के आदार पर न्यायालय ने आरोपी मंजूर आलम को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत दोषी ठहराया। आरोपी उत्तर प्रदेश के बहराइच का रहने वाला है। कोर्ट ने उसे 7 साव की सजा सुनाते हुए 5 हजार का अर्थदंड भी लगाया है।

Updated on:
15 Oct 2026 06:55 pm
Published on:
15 Oct 2026 06:55 pm