लेकिन अधिकारी ठेकेदार उठा रहे फायदा
दमोह. कोरोना के खिलाफ लड़ाई विपरीत दिशा में जाती नजर रही है। कोरोना जैसी जानलेवा खतरनाक बीमारी को लेकर बड़ी लपारवाही सामने आ रही है। एक तरफ शासन द्वारा कोरोना से निपटने के लिए हर आवश्यक उपाय व सुविधाएं उपलब्ध कराने में बड़ी धनराशि खर्च की जा रही है।
वहीं दूसरी तरफ यह राशि वास्तव में हर बार की तरह भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही है। दरअसल जिले में कोरोना संदिग्धों के बनाए गए कोविड केयर सेंटर्स में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में बेहद कंजूसी की जा रही है। वहीं जो सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रहीं हैं, उसमें बेहद लापरवाही की जा रही है।
कुछ इसी तरह का हाल शहर के सेंट्रल स्कूल के पीछे स्थित कोविड सेंटर का है। सेंट्रल स्कूल के पीछे कोरोना के संदिग्धों को रखने के लिए बनाए गए कोविड केयर सेंटर में अव्यवस्थाएं व्याप्त हैं। केयर सेंटर में सुविधाएं उपलब्ध कराने के नाम पर लाखों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। लेकिन मौके पर असुविधाएं ही नजर आ रहीं हैं। कोविड केयर सेंटर में लोगों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता बेहद खराब है। जिसको लेकर कोविड केयर सेंटर में भर्ती लोग शिकायत कर रहे हैं। केयर सेंटर में रुके लोग बता रहे हैं कि भोजन पोषक तत्व रहित दिया जा रहा है। जिससे लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है।
इस तरह कोरोना संक्रमण के दौरान की जा रही लापरवाही लोगों के जीवन से खिलवाड़ बनती जा रही है। जिस पर आला अफसरों का ध्यान नहीं है। जानकारी के मुताबिक कोविड केयर सेंटर में भर्ती लोगों को जो जो भोजन दिया जा रहा है इसमें गुणवत्ता पर ध्यान नहीं रखा जा रहा है। यहां भर्ती लोगों ने गुरूवार को मौके पर पहुंचे जिला प्रशासन के अधिकारियों से कहा है कि केयर सेंटर में सुविधाएं कम अव्यवस्थाएं ज्यादा हैं।
लोगों को भोजन देने में बेहद लापरवाही बरती जा रही है। भोजन में बाल निकल रहे हैं। तो कहीं भोजन में चूहे का मल मिल रहा है।