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DEO ऑफिस में 80 हजार की रिश्वत लेते धराए 3 बाबू, लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई

Bribe : जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के तीन बाबू को 80 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़े गए। विभागीय जांच समाप्त करने के नाम पर शिक्षक से रिश्वत ले रहे थे।

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DEO ऑफिस में 80 हजार की रिश्वतखोरी पकड़ाई (Photo Source- Input)

Bribe : सरकार की तमाम सख्तियों और छापामार टीमों द्वारा की जा रही लगातार कार्रवाईयों के बावजूद मध्य प्रदेश के सरकारी दफ्तरों में रिश्वतखोरी के मामले कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। हालात ये हैं कि, प्रदेश के किसी न किसी जिले में रोजाना रिश्वत लेते अफसर या कर्मचारी रंगे हाथों पकड़े जा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला सूबे के दमोह जिले में सामने आया। सोमवार को लोकायुक्त पुलिस ने बड़ी ट्रैप कार्रवाई करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के तीन बाबूओं को 80 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। ये कार्रवाई लोकायुक्त संभाग सागर के उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन और पुलिस अधीक्षक योगेश्वर शर्मा के निर्देशन में की गई है।

जानकारी के अनुसार, आवेदक नवेन्द्र कुमार आठया, पिता गिरधारी लाल आठया प्राथमिक शिक्षक विज्ञान हैं, जो तात्कालिक रूप से शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पटेरा, जिला दमोह में पदस्थ हैं। वे ग्राम करैया जोशी, तहसील हटा के निवासी हैं। आवेदक ने लोकायुक्त कार्यालय सागर पहुंचकर 13 अप्रैल को शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी निलंबन अवधि से बहाली कराने और विभागीय जांच समाप्त करवाने के एवज में 1 लाख रुपए की मांग डीईओ ऑफिस के बाबू कर रहे है। बाद में लोकायुक्त टीम के संरक्षण में 80 हजार रुपए रिश्वत देने की योजना बनाई गई।

इस तरह बिछाया गया रिश्वतखोरों के लिए जाल

सोमवार रात योजना के तहत जैसे ही डीईओ ऑफिस में अटैच बाबू अनिल कुमार साहू माध्यमिक शिक्षक, माध्यमिक शाला भूरी, संकुल उर्दू स्कूल दमोह निवासी बीएसएनएल कॉलोनी दमोह, मनोज कुमार श्रीवास्तव सहायक ग्रेड-2, निवासी वसुंधरा कॉलोनी, जैन मंदिर के पास और नीरज कुमार सोनी, सहायक ग्रेड-3निवासी असाटी वार्ड, राधारमण मंदिर के पास तय स्थान पॉलिटेक्निक कॉलेज के सामने पहुंचे आवेदक से 80 हजार की रिश्वत लेकर आपकी बाइक की डिक्की में रखे, लोकयुक्त टीम ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया।

भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं के तहत कार्रवाई

कार्रवाई के संबंध में जानकारी देते हुए लोकायुक्त टीआई ने बताया कि, आवेदन प्राप्त होने के बाद लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक के समक्ष शिकायत प्रस्तुत की गई थी। इसके बाद शिकायत का सत्यापन कराया गया। सत्यापन सही पाए जाने पर योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई में निरीक्षक मंजू किरण तिर्की, निरीक्षक रंजीत सिंह, प्रधान आरक्षक सफीक खान, संतोष गोस्वामी, अजय क्षेत्रीय, आरक्षक प्रदीप दुबे, आदेश तिवारी, गोल्डी पासी, राघवेंद्र, विक्रम सिंह और नीलेश चौबे समेत लोकायुक्त सागर स्टाफ शामिल रहा। फिलहाल आरोपियों के विरुद्ध अग्रिम वैधानिक कार्रवाई जारी है।