पत्रिका हॉट शीट : वित्त मंत्री जयंत मलैया बोले- किसान को खेती, युवाओं को रोजगार से जोडऩे करेंगे नए प्रयास
संवेद जैन, दमोह
प्रदेश में हजारों करोड़ की सिंचाई परियोजनाएं लाकर हमनें कृषि को जीवित करने का किया है, जितना का शेष है वह भी पूरा करेंगे। हर खेत तक पानी पहुंचाने का हमारा लक्ष्य है। आलोचनाओं और आरोपों से हटकर राजनीति करना हमारा लक्ष्य है। मेरी पत्नी ने स्कूल और कॉलेज में पढ़ाने के बाद लोन लेकर स्वयं का कॉलेज खोला है। वह भी दमोह के लिए ही है। पैसा कमाना होता तो हम बड़े शहरों में भी संस्थान खोल सकते थे। यह बात प्रदेश के वित्त मंत्री व दमोह विधायक जयंत मलैया ने पत्रिका से खास चर्चा के दौरान कही। उन्होंने अन्य मुद्दों पर भी सवालों के जबाव दिए...
सवाल: लगातार आठवीं बार आप चुनाव मैदान में आने तैयार है, क्या नया लेकर आएंगे?
मलैया: हमारा विजन इंफ्रास्टक्चर और नगर का विकास है। शेष रह गईं सड़कें पूरी बनाना है। सिंचाई के प्रोजेक्ट पूरे कराना है। कुछ नदियों पर स्टॉपडेम बनना रह गए है। सिंचाई बढ़ेगी ग्रामीण अंचल में खुशहाली आएगी। शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल व्यवस्था, सौंदर्यीकरण के लिए भी अनेक प्लान है। कुछ नया भी इस बार नजर आ सकता है। जल्द ही जनता के बीच हम २०२३ के लिए विजन डाक्यूमेंट्री भी लेकर आ रहे है।
सवाल: चुनाव की भागदौड़ के बीच स्ट्रैस कम करने कोई उपन्यास /पुस्तक पढ़ते है क्या?
मलैया: हां, पहले पढ़ता था। हल्के-फुल्के भी पढ़ता था। अंग्रेजी में हैराल्ड डोमर को भी पढ़ता था। हिन्दी में सिवानी की लेखनी बहुत अच्छी लगती थी। प्रेमचंद्र को भी पढ़ा है। शिवाजी सामंत के इतिहासिक उपन्यास पढ़े है। अब उतना समय मिलता नहीं है। आजकल तो मैनेजमेंट और फिनेन्स की बुक पढ़ते में ज्यादा रुचि रहती है।
सवाल: कांग्रेस रोजगार और किसानों के मुद्दे को लेकर भाजपा के विरुद्ध दिख रही है, कैसे जवाब देंगे?
मलैया: किसानों के लिए सबसे पहले कर्ज 1990 में माफ किये थे। तब भी सामान्य किसानों के कर्जे माफ नहीं हो पाए थे। जो हमारे जहन में था। कांग्रेस के समय में 18 प्रतिशत ब्याज लगता था। हमने ० प्रतिशत कर दिया है। पंजाब में भी इन्होंने घोषणा की थी कर्ज माफी की, लेकिन नहीं किया। हम अपना परफॉरमेंस बता रहे है, वह सिर्फ घोषणा कर रहे हैं।
सवाल: उद्योगमंत्री रहते आप एक भी रोजगार अपनी विधानसभा में नहीं ला पाए क्यो?
मलैया: बिल्कुल सही बात है। हम चाहते हुए भी कुछ नहीं कर पाए। बमुश्किल एक आयरन की फैक्ट्री लेकर आए थे, उसे सुविधाएं भी दिलाईं, लेकिन उसे मजबूती समझ में नहीं आई। किसी भी इंडस्ट्री के लिए रॉ मटेरियल की योग्यता जरूरी होती है। अब हम यह समझते है जो कृषि की ५ बड़ी परियोजनाएं ला रहे है। इससे सब्जियां, फल आएंगे। हम फूड प्रोसेसिंग की यूनिट लगाकर लघु उद्योग को बढ़ावा देंगे।
सवाल: यूनिवर्सिटी, मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेज हमारे दमोह में नहीं आ सके, क्यों?
मलैया: यूनिवर्सिटी की घोषणा मुख्यमंत्री ने छतरपुर विजिट के दौरान ही कर दी थी। इसके कारण वह वहां गईं। जहां तक मेडिकल की बात होती है। छतरपुर में अधिक आवश्यकता थी, इसीलिए पहले वहां हुई। दमोह के पास सागर है, जबलपुर है, लेकिन वहां आसपास कुछ नहीं। दमोह में भी जरूरत है। ३१ को शिवराज जी आ रहे है वह ही कुछ कहेंगे।
सवाल: राजनीति में आपका लंबा अनुभव है मौजूदा समय में आरोप/प्रत्यारोप की राजनीति है। स्वच्छ राजनीति के लिए क्या कदम उठाए जा सकते है?
मलैया: कदम तो बहुत उठाए जा सकते हैं। एक तो आजकल जो शॉर्टकट का रास्ता चल गया है बिना किसी आधार और तथ्यों के किसी को आरोपित नहीं करना चाहिए। व्यवहार भी बहुत काउंट करता है। मैं समझता हूं अगर आपने किसी गरीब व्यक्ति के इलाज में मदद कर दी, यह बहुत बड़ा धर्म है। रचनात्मक कार्य का निर्माण करने वाला समाज बनाना चाहिए।
सवाल: आरोप है कि आपके परिवार के सदस्यों ने शिक्षा और कॉलोनियों के क्षेत्र में दबदबा बनाया है?
मलैया: मेरी पत्नी शिक्षित हैं, उन्होंने सरस्वती स्कूल से लेकर स्थानीय कमला नेहरू कॉलेज में पढ़ाया है। उनके शिक्षा के प्रति रुझान की वजह से यहां के युवाओं को इंजीनियरिंग कॉलेज के साथ ही नर्सिंग फैकल्टी, स्कूल कॉलेज और महानगरीय शैली का स्कूल प्राप्त हुआ है। जब पुस्तैनी ऑयल मिल बंद हो गई तो हमारे पास जो जमीने पड़ी हुईं थीं उस पर हमने शहर की पहली कॉलोनी बनाई और लोगों को सुव्यवस्थित रहवास उपलब्ध कराए। अब हमारे अलावा कई लोग कॉलोनी बना रहे हैं।
सवाल: 2013 में जो घोषणाएं की थीं, उनमें से कौन सी घोषणाओं पर अब भी काम शेष रह गया है, जिन पर आगे काम हो सकता है?
मलैया: नगर में स्वच्छता अभियान चलाना है। शौचालय के कार्य से संतुष्ट नहीं हूं। इसमें सुधार कराना है। पार्कों को बढ़ाना है और भी अनेक कार्य हंै जो घोषणा पत्र में नजर आएंगे।
सवाल:सड़क,पानी, बिजली के अलावा ऐसे कौन से बड़े काम है जो इन पांच सालों में हुए है?
मलैया: एक तो सिंचाई परियोजना है, जो सभी को पता है। सिंचाई तो किसी भी जगह की विकास की रीड होती है। 80लाख हेक्टेयर में सिंचाई के पानी पहुंचाना हमारा लक्ष्य है।
सवाल: जयंत मलैया की व्यक्तित्व और छवि को लेकर कभी सवाल नहीं उठता, मजबूती का कारण।
मलैया: सभी की शुभकामनाएं।