दमोह में इन दिनों भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध की आशंका बनी हुई है। इस बीच यदि हमले होते हैं तो उससे कैसे बचा जा सकता है। उसके बार में व्यवहारिक और रिहर्सल के माध्यम से जानकारी दी गई। आपदा प्रबंधन निपटने के सीखे गुर एक्सीलेंस स्कूल में गुुरुवार को आपदा प्रबंधन को लेकर एक रिहर्सल […]
दमोह में इन दिनों भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध की आशंका बनी हुई है। इस बीच यदि हमले होते हैं तो उससे कैसे बचा जा सकता है। उसके बार में व्यवहारिक और रिहर्सल के माध्यम से जानकारी दी गई।
एक्सीलेंस स्कूल में गुुरुवार को आपदा प्रबंधन को लेकर एक रिहर्सल हुई। भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध की आशंका के मद्देनजर टीम ने रॉकेट व ड्रोन हमले से बचाव को लेकर एक रिहर्सल कराई गई। इसमें बताया गया कि यदि ऐसी स्थिति बनती है तो हम कैसे बच सकते हैं। बिङ्क्षल्डग गिरने पर लोगों को कैसे बचाया जाए। सीपीआर कैसे दी जाए आदि की जानकारी एसडीआरएफ की टीम ने दी।
हादसों में मेडिकल किट का उपयोग और सीपीआर कैसे दिया जाता है इसके बारे में भी बताया गया। मौके पर कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर, संयुक्त कलेक्टर मीना मसराम, जिले के सभी एसडीएम, सीएमओ आदि मौजूद थे। रिहर्सल के पूर्व एक बैठक भी आयोजित की गई। इसमें आपदा से निपटने संबंधी जानकारी दी गई। जिला कमांडेंट हर्ष कुमार जैन ने बताया कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए सिविल डिफेंस को लेकर एक रिहर्सल हुई थी। इसमें सभी विभागों के जिला अधिकारी मौजूद थे। उन्होंने बताया कि एसडीआरएफ के पास नए उपकरण भी आए हैं। इसमें एक्वासेंसर है, जो पानी में बॉडी की पहचान करता है। इसके अलावा बॉडी र्बान कैमरा, मल्टी परपस लाइट व नए उपकरण आए हैं।
हादसों में मेडिकल किट का उपयोग और सीपीआर कैसे दिया जाता है इसके बारे में भी बताया गया। मौके पर कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर, संयुक्त कलेक्टर मीना मसराम, जिले के सभी एसडीएम, सीएमओ आदि मौजूद थे। रिहर्सल के पूर्व एक बैठक भी आयोजित की गई। इसमें आपदा से निपटने संबंधी जानकारी दी गई। जिला कमांडेंट हर्ष कुमार जैन ने बताया कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए सिविल डिफेंस को लेकर एक रिहर्सल हुई थी। इसमें सभी विभागों के जिला अधिकारी मौजूद थे। उन्होंने बताया कि एसडीआरएफ के पास नए उपकरण भी आए हैं। इसमें एक्वासेंसर है, जो पानी में बॉडी की पहचान करता है। इसके अलावा बॉडी र्बान केमरा, मल्टी परपस लाइट, हैवी डयूटी टार्च उपकरण नए आए हैं।