रबी सीजन की कैसे होगी सिंचाई
मडिय़ादो. रबी सीजन में पलेवा से लेकर सिंचाई के लिए किसानों को बिजली को लेकर चिंता बढ़ रही है। जिसका कारण यह है कि बिजली दिन में कई बार गुल हो रही है। किसानों को चिंता इसलिए भी सता रही है कि अभी लोड कम है, जब यह स्थिति है, जब लोड बढ़ेगा तो बिजली कैसे मिल पाएगी।
मडिय़ादो फीडर से दर्जनों गांवों में होने वाली बिजली सप्लाई की व्यवस्था लडख़ड़ाई हुई है। 24 घंटे मेें कई बार बिजली आती जाती है। सबसे खराब हालात ग्रामीण क्षेत्रों में सप्लाई होने वाली लाइन का है। क्षतिग्रस्त पोलो के सहारे कमजोर तारों से की गई। सप्लाई बार- बार बंद हो रही है। वनांचल क्षेत्र के बछामा, पाटन और घोघरा ग्राम पंचायत के गांवों में तो कई-कई दिनों तक बिजली सप्लाई बंद रहने से लोगों को भारी समस्या का सामना करना पड़ता है।
रखरखाव में लापरवाही
मडिय़ादो से ग्रामीण मादे, मलवारा, कनकपुरा, चंदेना गांवों को होने वाली बिजली सप्लाई देखरेख के अभाव में बदहाल है। उक्त ग्रामों की बिजली कभी भी फाल्ट हो जाती है। जिससें किसानों को समस्या होगी। खरीफ का सीजन लगभग समाप्त हो चुका है, किसानों के द्वारा खेतों से खरीफ सीजन में बोई गई फसलें काटकर खेतों को खाली कर दिया है, अब किसान खाली खेतों में पलेवा की तैयारी कर रबी के लिए खेत तैयार करने में जुटा हुआ है। पलेवा के लिए किसानों को पर्याप्त बिजली की जरूरत होती है। ऐसे में बार -बार बिजली कटौती से किसानों की बोवनी समय पर नहीं हो पाएगी, तो किसानों को रबी की फसल में भी नुकसान हो सकता है। किसान संतोष यादव, चरन सिंह, राजेंद्र सिंह, कमल ङ्क्षसह, हरीराम पटैल, सुरेश पटैल सहित अन्य किसानों के द्वारा बिजली व्यवस्था दुरुस्त किए जाने की प्रशासन से मांग की है।
गौरतलब है कि खरीफ सीजन के समय किसानों के लिए पर्याप्त बिजली के सरकार द्वारा दावे तो किए जाते हैं, लेकिन जब किसान को बिजली की जरुरत होती है तो किसी न किसी बहाने से बिजली में कटौती की जाती है। अभी केवल घरेलू भार होने पर बिजली कटौती बेताहाशा हो रही है, जिससे किसानों का चितिंत होना लाजिमी है।