दमोह

MP News- ऑपरेशन के बाद पेट में ही छोड़ दिया सर्जिकल ग्लब्ज, इलाज कराने में बिक गई जमीन

Damoh District Hospital- भोपाल में दोबारा सर्जरी, थाने में की शिकायत, 10 महीने बाद निकाला

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Apr 07, 2026
Surgical Glove Left Inside Abdomen After Surgery at Damoh District Hospital

Damoh District Hospital- मध्यप्रदेश में डॉक्टरों की ऐसी लापरवाही उजागर हुई जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। उन्होंने एक प्रसूता का ऑपरेशन किया। सर्जरी के बाद सर्जिकल ग्लब्ज उसके पेट में ही छोड़ दिया। बेचारी महिला कई माह तक असहनीय दर्द से तड़पती रही। उनके परिजन भी परेशान होते रहे। महिला का इलाज कराने यहां वहां भटकते रहे। इतना ही नहीं, आर्थिक तौर पर भी टूट गए। डॉक्टरों की करतूत उन्हें बहुत भारी पड़ी। महिला के पेट दर्द का इलाज कराने में उनकी पुश्तैनी 2 एकड़ जमीन बिक गई।

दमोह जिला अस्पताल Damoh District Hospital में प्रसव ऑपरेशन के दौरान ये गंभीर लापरवाही की गई थी। यहां तेजगढ़ क्षेत्र की एक महिला इलाज के लिए आई। जिला अस्पताल के डॉक्टरों की एक टीम द्वारा 36 वर्षीय महिला की 13 मई 2025 को सर्जरी की गई थी। हालांकि कॉम्प्लीकेशन के चलते शिशु की मौत हो गई। डॉक्टरों को बच्चेदानी निकालनी पड़ी। जिला अस्पताल में हुई इस सर्जरी के कुछ दिन बाद से महिला को असहनीय दर्द होने लगा।

पति मनोज के अनुसार, वे पत्नी को लेकर 18 फरवरी को भोपाल के एक निजी अस्पताल पहुंचे। यहां के डॉक्टरों ने जांच की तो हैरान रह गए। इस अस्पताल में जांच में पता चला कि महिला के पेट में सर्जिकल ग्लब्स पड़े हैं। डॉक्टरों ने परिजनों को यह बात बताई जिससे सुनकर वे भी हैरत में पड़ गए। इससे साफ हो गया कि दमोह जिला अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों की टीम महिला के पेट से सर्जिकल ग्लब्स निकालना भूल गए। इसी वजह से महिला को असहनीय दर्द हो रहा था।

परिजनों ने भोपाल के अस्पताल में महिला की दोबारा सर्जरी कर पेट से सर्जिकल ग्लब्स निकलवाया। तब जाकर उन्हें दर्द से निजात मिल सकी। दमोह जिला अस्पताल के जिन डॉक्टरों की टीम ने महिला की सर्जरी की थी, परिजनों ने अब उनके खिलाफ पुलिस को शिकायत की है। भोपाल के कोहेफिजा थाने में दमोह जिला अस्पताल Damoh District Hospital के डॉ. आर कुमार, डॉ. सीमा पटेल, डॉ. यू तंतुवाय की शिकायत की गई है।

आयुष्मान कार्ड के अतिरिक्त 8 लाख रुपए खर्च] इसके लिए दो एकड़ जमीन तक बेचनी पड़ी

महिला के परिजनों के अनुसार, 10 माह में उन्होंने दमोह-जबलपुर के कई अस्पतालों में इलाज कराया। आयुष्मान कार्ड के अतिरिक्त 8 लाख रुपए इलाज में खर्च हुआ। इसके लिए उन्हें अपनी दो एकड़ जमीन तक बेचनी पड़ी।

दमोह कलेक्टर ने भी मामले की शिकायत पर जांच के निर्देश दिए हैं। इधर डीएचओ डॉ. रीता चटर्जी ने बताया कि जांच के बाद डॉक्टरों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

Updated on:
07 Apr 2026 10:55 am
Published on:
07 Apr 2026 07:39 am
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