पुलिस ने न्यायालय के आदेशानुसार कार्रवाई करने का आश्वासन दिया
दमोह. घर में रंगीन विझुत की छटा बिखर रही थी। मंडप सजाया जा चुका था। दूल्हे को हल्दी चढ़ चुकी थी। देवी पूजन के बाद रविवार को रछवाई फिरने के बाद दूल्हा बरात लेकर जाने वाला था। लेकिन इसी बीच शनिवार शाम को दूल्हे की पहली पत्नी कोतवाली पहुंची। तो पुलिस को जाकर होने वाला विवाह रुकवाने के लिए बोलना पड़ा। यह सारा मामला शहर के सिंधी केंप का है। जहां पर रविवार को होने वाली शादी रोकने के लिए दूल्हे की पहली पत्नी हाईकोर्ट शादी रुकवाने का आदेश लेकर पहुंची।
क्या है पूरा मामला -
शनिवार दोपहर कोतवाली पहुंची एक महिला ने कोतवाली थाना प्रभारी को बताया कि उसका पति बिना किसी तलाक के दूसरी शादी कर रहा है। यह सुनकर थाना प्रभारी चौंके। फिर महिला के वकील आलोक जैन जबलपुर ने हाईकोर्ट के स्टे की कॉपी थाना प्रभारी को दी। उसके बाद पुलिस ने न्यायालय के आदेशानुसार कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
कोतवाली पहुंची उमा सेन पति सतीश सेन (२७) निवासी लकलका तेजगढ़ तहसील तेंदूखेड़ा के वकील आलोक जैन ने बताया कि उमा सेन सतीश सेन की पत्नी है। जो लकलका की रहने वाली है। उसका विवाह सतीश सेन निवासी सिंधी केंप से 8 मई 2009 को हुआ था। उसकी एक बेटी भी है। शादी हुई के बाद पति ने उसे घर से बाहर भगा दिया था जिसके बाद सतीश ने कुटुंब न्यायालय में धारा 13 हिंदू विवाह अधिनियम के तहत प्रकरण प्रस्तुत किया था। जिसमें सतीश ने मचकूरी के माध्यम से सांठगांठ करके नोटिस में लेने से इनकार लिखवा कर। न्यायालय को गुमराह करके धारा 13 के तहत एक पक्षीय तलाक की कार्यवाही की थी। जिसमें कुटुंब न्यायालय दमोह से प्राप्त कर लिया था। एवं उसके बाद सतीश दूसरा विवाह करने वाला था। जिसके शादी के कार्ड समाज में वितरित हो चुके थे। 29 अप्रैल को उसका विवाह होने वाला था। जो शहर के ही सिंधी कैंप में विवाह की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। सतीश दूल्हा बन चुका था हल्दी चढ़ चुकी थी और रविवार को बारात जाने वाली थी। इसके पहले ही जबलपुर हाईकोर्ट न्यायमूर्ति एसके गंगेले एवं अंजुली पालो की डबल बैंच से दूसरे विवाह पर रोक लगा दी गई। जिस की कॉपी कोतवाली में थाना प्रभारी अरविंद दांगी को दी गई उसके बाद पुलिस ने सतीश के विवाह पर रोक लगा दी है।