दो दिन से चल रही हैं हवाएं, फूल झडऩे से पैदावार पर पड़ेगा असर
दमोह . विगत कई दिनों से मौसम में उतार चढाव दिखाई दे रहा था। वहीं आसमान में बादल अपना डेरा जमाए होने से दिसंबर माह में पडऩे वाली ठंड में भी कमी देखी गई । अचानक मौसम ने करबट बदली और बीते सप्ताह शनिवार को तेज हवाओं के साथ हुई। जोरदार बारिश से मौसम में ठंडक घुल गई और बारिश के मौसम की तरह रिमझिम बारिश लगातार होती रही।
रविवार से आसमान में छाए बादल जैसे-जैसे हटते गए और आसमान साफ होता गया। वैसे-वैसे मौसम में ठंड बढ़ती जा रही है। जिससे अल सुबह से लेकर दोपहर तक और शाम होते ही कोहरा फैलने लगता है।
ठंडी सर्द हवाएं चलने लगती है। बारिश होने से एक और ठंड बढ़ रही है। वहीं बारिश होने से रबी सीजन की फसलों में मावठ लगने से किसान काफी खुश दिखाई दे रहे है। क्योंकि, गेहूं चना बटर, मसूर फसलों में बारिश वरदान साबित हुई है। जिससे फसलों में एक अलग ही रौनक दिखाई दे रही है । जिन किसानों के खेतो में दलहन और तिलहन की अरहर और सरसों की फसलें खड़ी हुई है । उन फसलों में किसानों को नुकसान झेलना पड़ रहा है, क्यों कि बारिश के साथ हवाओ के चलने से जहा दलहन और तिलहन फसलों में आ चुके फूल झड़ जाने से पैदावार में कमी को लेकर किसानो की चिंता बढ़ गई है। वहीं अनेक खेतों में जहां अरहर की फसल में फूल काफी संख्या में लगे दिखाई दे रहे थे और फल्लियां भी आने से किसानों को अच्छी पैदावार मिलने की उम्मीद लगाए हुए थे, लेकिन हवाओं के चलने से फसल झुकाव ले गई है।
जिससे दलहन और तिलहन फसलों में नुकसान हो सकता है। किसानों ने कृषि क्षेत्र के खेतों सहित मेढ़ पर अरहर की फसल लगी हुई है , जो हवा के झोकों से कही खेत में बिछ गई है तो कहीं-कहीं अरहर के पौधों की लंबाई अधिक होने से पौधे झुक गए है। घटेरा निवासी किसान राजेंद्र सिंह ने बताया कि इन दिनों अरहर की दलहन फसल में फूल आ रहे हैं , तो कहीं- कहीं फल्लियां लगा चुकी है, ऐसे में शनिवार को हुई बारिश और हवाओं से अरहर की फसल खेतों में ही बिछ गई है । जिससे फूल झडऩे से पैदावार में कमी आएगी और किसानों को नुकसान झेलना पड़ेगा।