Crocodile on Road: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के बारसूर क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक बूढ़ा तालाब को सुखाने के बाद अब इसके गंभीर दुष्परिणाम सामने आने लगे हैं।
Crocodile on Road: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के बारसूर क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक बूढ़ा तालाब को सुखाने के बाद अब इसके गंभीर दुष्परिणाम सामने आने लगे हैं। वर्षों से इस तालाब में रह रहे मगरमच्छ अब पानी की तलाश में सड़कों और आसपास के इलाकों में भटकते नजर आ रहे हैं। हाल ही में बारसूर-छिंदनार मार्ग पर करीब 10 फीट लंबा मगरमच्छ मिलने से इलाके में दहशत फैल गई।
स्थानीय लोगों के अनुसार, तालाब सूखने के बाद मगरमच्छ अपने प्राकृतिक आवास से बाहर निकलने को मजबूर हो गए हैं। इसी कड़ी में एक विशाल मगरमच्छ सड़क पर देखा गया, जिससे राहगीरों और ग्रामीणों में भय का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ लिया।
बाद में उसे इंद्रावती नदी में छोड़ दिया गया। विभाग का कहना है कि जानवर को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया है। इस घटना के बाद स्थानीय लोग प्रशासन की योजना पर सवाल खड़े कर रहे हैं। उनका कहना है कि बूढ़ा तालाब मगरमच्छों का प्राकृतिक आवास रहा है और यहां दशकों से वे सुरक्षित रह रहे थे। तालाब को सुखाने के फैसले ने उनके जीवन पर संकट खड़ा कर दिया है।
बताया जा रहा है कि तालाब के सौंदर्यीकरण और जिपलाइन परियोजना के तहत पानी निकाला गया था। हालांकि यह काम अभी अधूरा है और जिपलाइन भी बंद पड़ी है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि विकास कार्यों की योजना बनाते समय वन्यजीवों के संरक्षण को नजरअंदाज क्यों किया गया।
जानकारी के मुताबिक, अभी भी बूढ़ा तालाब में तीन मगरमच्छ मौजूद हैं। उनके सुरक्षित पुनर्वास को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है, जिससे खतरा बना हुआ है कि वे भी बाहर निकल सकते हैं।
मगरमच्छ के सड़क पर आने की घटना के बाद ग्रामीणों में डर का माहौल है। लोग बच्चों और मवेशियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। कई लोगों ने प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की है। यह मामला एक बार फिर विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन की बहस को सामने लाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी विकास कार्य से पहले वन्यजीवों के संरक्षण और पुनर्वास की ठोस योजना जरूरी होती है। अब प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि बचे हुए मगरमच्छों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाए और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए संतुलित योजना बनाई जाए।