कुआकोंडा थाना क्षेत्र के धनीकरका और गढ़मिरी के लोगों ने लगातार दो दिन पुलिस के सामने खड़े होकर नक्सलवाद का साथ छोडऩे भर की बात कही थी कि नक्सलियों की पूरी प्लाटून शनिवार को इन दोनों गांव में क्लास लेने पहुंच गई। गांव वालों को बुला कर प्लाटून के कमांडर ने धनीकरका व सूरनार के जंगलों मे जनअदालत लगा दी। भनक लगते ही पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने मुठभेड़ में प्लाटून डिप्टी कमांडर लिंगा को शाम लगभग चार बजे ढेर कर दिया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुबह से ही पुलिस इस जंगल को घेर चुकी थी। बैठक के बाद जैसे ही गांव के लोग बैठक से बाहर हुए और फोर्स से प्लाटून का सामना हुआ। इस मुठभेड़ में 26 नंबर प्लाटून का डिप्टी कमांडर को मार गिराया। पुलिस को आता देख नक्सलियों ने गोलियां बरसानी शुरू की।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मारा गया डिप्टी कमांडर लिंगा पर झीरम कांड, चोलनार विस्फोट व मैलावाड़ा विस्फोट में भी शामिल था। पुलिस ने मुठभेड़ कई अन्य नक्सलियों के घायल होने की बात कह रही है। सर्चिंग के दौरान लिंगा की शव के पास से 315 बोर की राइफल,पांच कारतूस व एक पिट्ठू बैग को पुलिस ने बरामद किया है।
मैलावड़ा व चोलनार में किया था ब्लास्ट
एएसपी अभिषेक पल्लव का कहना है कि कुआकोंडा कटेकल्याण व किरन्दुल थाने में मारे गए नक्सली पर कई एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। झीरम कांड सहित कई बड़ी वारदातों में यह शामिल था। यह एनआईए का लिस्टेड भी है। मैलावाड़ा में सीआरपीएफ के ट्रक को उड़ाने व चोलनार में एंटी लैंड माइन व्हीकल को विस्फोट कर उड़ाने के साथ एक दर्जन वारदातों में शामिल था। इन दोनों ही वारदातों में एक दर्जन के करीब जवान शहीद हुए थे।
मीटिंग से दहशत में थे गांव वाले
गुरुवार और शुक्रवार दो दिनों में इस इलाके से करीब 1200 से अधिक लोग स्वस्फूर्त निकल कर बाहर आए। पुलिस अधिकारियों के सामने नक्सलवाद से तौबा करने की शपथ ली। इस बात को 48 घंटे भी नही गुजरे थे कि नक्सलियों की 26 नंबर प्लाटून पहुंच गई।