
Datia News : मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने जा रहे उपचुनाव के बीच नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद मचे बलाल कानून - व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने पूरे दतिया अनुभाग में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा-163 लागू कर दी है। ये आदेश आगामी फैसले तक प्रभावी रहेगा।
दतिया एसडीएम की ओर से जारी आदेश के अनुसार, अब बिना प्रशासनिक अनुमति के संबंधित इलाके में कोई सभा, जुलूस, रैली या प्रदर्शन आयोजित नहीं हो सकेगा। प्रशासन का कहना है कि उपचुनाव के दौरान शांति और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने इस कदम को प्रभावी किया गया है। जारी आदेश के तहत सार्वजनिक स्थानों पर लाठी, तलवार, भाला, फरसा, चाकू सहित अन्य घातक हथियार लेकर चलने पर प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा पांच या उससे अधिक लोगों के एक स्थान पर एकत्र होने पर भी रोक लगाई गई है।
सोशल मीडिया, पोस्टर, बैनर, नारे और भाषण के माध्यम से सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली सामग्री के प्रचार-प्रसार पर भी प्रतिबंध रहेगा। बिना अनुमति लाउडस्पीकर और अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग भी नहीं किया जा सकेगा। प्रशासन ने आदेश में उल्लेख किया है कि 10 जुलाई की रात झांसी-ग्वालियर हाईवे पर हुए चक्का जाम के दौरान 15 से 20 किलोमीटर लंबा जाम लगा था। इस दौरान वाहनों में तोड़फोड़ और पथराव की घटनाएं भी सामने आई थीं। ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसलिए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं।
प्रशासन ने भारतीय निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों और आदर्श आचार संहिता का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मध्य प्रदेश संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम, 1994, मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985 तथा ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम, 2000 के प्रावधानों का भी पालन कराया जाएगा।
टिकट की घोषणा के बाद दतिया की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। डॉ. मिश्रा के समर्थकों में मायूसी देखी गई और वे सड़कों पर उतर आए और कई जगह बाजार भी बंद कराए। जबकि शहर के कुछ व्यापारियों ने बाजार बंद कर विरोध भी जताया। दूसरी ओर भाजपा संगठन पूरी ताकत से नए प्रत्याशी के समर्थन में सक्रिय हो गया है और कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने की कवायद शुरू कर दी गई है। डबरा में भी समर्थक सड़कों पर उतर आए हैं।
अब सभी की नजर कांग्रेस पर टिकी है। पार्टी ने अभी तक अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। पूर्व विधायक घनश्याम सिंह और अवधेश नायक के नाम संभावित दावेदारों में चर्चा में हैं। भाजपा के नए दांव के बाद कांग्रेस पर भी जल्द प्रत्याशी घोषित करने का दबाव बढ़ गया है।