
Datia BJP Resignations: मध्यप्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर भाजपा की ओर से प्रत्याशी के नाम का ऐलान किए जाने के बाद दतिया में बवाल मचा हुआ है। सीट के प्रबल दावेदार नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को दिए जाने से नाराज नरोत्तम के समर्थक मैदान में उतर आए हैं। भाजपा प्रत्याशी के नाम की घोषणा होने के तीन घंटे के अंदर ही दतिया में भाजपा पदाधिकारियों और पार्षदों के साथ ही कार्यकर्ताओं ने इस्तीफे दे दिए हैं। इतना ही नहीं दतिया में जमकर विरोध प्रदर्शन भी किया जा रहा है।
नरोत्तम मिश्रा को उम्मीदवार घोषित न किए जाने से नाराज दतिया जिलाध्यक्ष रघुवीर सरण समेत सभी जिला पदाधिकारियों ने इस्तीफे दे दिए हैं। इतना ही नहीं दतिया के सभी भाजपा पार्षदों ने भी इस्तीफा दे दिया है। बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता भी अपना इस्तीफा दे रहे हैं जिससे इस्तीफों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। खबर है कि एक साथ इतनी ज्यादा संख्या में इस्तीफे होने से पार्टी में हलचल तेज हो गई है।
इससे पहले दतिया उपचुनाव के लिए भाजपा की ओर से आशुतोष तिवारी के नाम का ऐलान होने की खबर जैसे ही दतिया में नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों को लगी तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं और बाजार बंद कराते हुए सड़क पर जाम लगा दिया है। नाराज भाजपा कार्यकर्ता सड़क पर हंगामा व नारेबाजी कर रहे हैं और स्थिति को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल भी मौके पर पहुंच चुका है। प्रदर्शन कर रहे भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि अगर पार्टी अपना फैसला नहीं बदलती है और नरोत्तम मिश्रा को उम्मीदवार घोषित नहीं किया जाता है तो वो सभी पार्टी से इस्तीफा दे देंगे।
दावेदारों में भी शामिल नहीं थे आशुतोष
भाजपा और कांग्रेस के लिए प्रतिष्ठा की सीट बन चुके दतिया विधानसभा उपचुनाव में नरोत्तम मिश्रा का नाम कटना सभी को हैरान कर गया। नरोत्तम मिश्रा इस उपचुनाव में सक्रिय हो चुके थे और कार्यकर्ताओं से भी लगातार मिलने लगे थे। भाजपा की ओर से भी पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट लगभग तय माना जा रहा था। नरोत्तम के अलावा भाजपा के दो नेता भी दावेदारों में शामिल थे। उनमें से अवधेश नायक और घनश्याम सिंह के नाम थे। लेकिन अंत समय तक पैनल में आशुतोष तिवारी का नाम शामिल नहीं था और पार्टी ने सभी को चौंकाते हुए आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी घोषित कर दिया।
राजेन्द्र भारती को दिल्ली हाईकोर्ट से झटका
इधर पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता राजेन्द्र भारती को दिल्ली हाई कोर्ट से शुक्रवार (10 जुलाई) को बड़ा झटका लगा। दिल्ली हाईकोर्ट ने ग्रामीण विकास बैंक धोखाधड़ी मामले में दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। राजेंद्र भारती ने सजा पर रोक लगाने और दतिया विधानसभा उपचुनाव की प्रक्रिया पर भी रोक लगाने की अपील थी। बता दें कि रूरल डेवलपमेंट बैंक घोटाला मामले में उन्हें स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने 3 साल की सजा हुई थी, सजा के बाद ट्रायल कोर्ट से उन्हें जमानत मिल चुकी है।