CM Mohan Yadav: मुख्यमंत्री मोहन यादव 21 फरवरी को 532 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात देंगे, लेकिन सात साल से अधूरी परियोजना और लंबित घोषणाओं ने जनता के मन में सवाल खड़े कर दिए हैं।
MP News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 21 फरवरी को दतिया जिले की तहसील सेवढ़ा में आयोजित कार्यक्रम में 532 करोड़ रूपये के विकास कार्यों की सौगात देंगे। इसमें मुख्य रूप से सिंध नदी (Sindh Bridge) पर नव निर्मित सेतु का लोकार्पण शामिल हैं। साथ ही सांदीपनि शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बसई सहित अन्य विकास कार्यों का लोकार्पण भी होगा। मुख्यमंत्री सनकुआ धाम के समीप स्थित द्वारिकाधीश मंदिर में पूजन-अर्चन भी करेंगे।
कृषि उपज मंडी प्रांगण सेवढ़ा में आयोजित कार्यक्रम में सीएम 299.32 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हुए 53 विकास कार्यों का लोकार्पण और 233.24 करोड़ रुपये की लागत के 21 कार्यों का भूमिपूजन एवं शिलान्यास करेंगे। साथ ही विभिन्न शासकीय योजनाओं में हितग्राहियों को हितलाभ वितरित करेंगे।
सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) सिंध नदी के नए पुल का लोकार्पण करेंगे। इसके अलावा जिले के 100 करोड़ रुपए से अधिक के निर्माण कार्यों का शिलान्यास व भूमि पूजन करेंगे। साथ ही द्वारकाधीश मंदिर में दर्शन का कार्यक्रम भी निर्धारित है। प्रशासनिक अमला तैयारियों में जुटा है, लेकिन इस दौरे से पहले सेवढ़ा की जनता के मन में पुरानी घोषणाओं का सवाल फिर से ताजा हो गया है।
28 जुलाई 2018 को तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रतनगढ़ बहुउद्देश्यीय परियोजना सहित कई बड़ी घोषणाएं की थीं। दावा था कि इससे दतिया, भिंड और ग्वालियर जिलों की लगभग 78 हजार हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। 2300 करोड़ रुपए लागत की इस परियोजना का भूमिपूजन भी हुआ, लेकिन सात वर्ष बाद भी डेम निर्माण शुरू नहीं हो सका। वन भूमि हस्तांतरण अटका रहा, ठेका कंपनी काम छोडकर चली गई और कैनाल निर्माण के नाम पर करोड़ों का भुगतान होने के बावजूद योजना अधर में है।
22 अगस्त 2023 को की गई चार नई घोषणाओं-रतनगढ़ माता मंदिर को लोक स्वरूप में विकसित करना, सीएम राइज स्कूल खोलना और नगर विकास के लिए 5 करोड़ रुपये में से केवल 5 करोड़ की राशि ही स्वीकृत होकर मिली। बाकी घोषणाएं फाइलों में सीमित है। सेवढ़ा को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने और सनकुआं धाम को जोडने की घोषणा भी धरातल पर नहीं उतर सकी। बीते सात वर्षों में पर्यटन मद से कोई विशेष व्यय नहीं हुआ।
आईटीआई भवन निर्माण की घोषणा के बावजूद सेवढ़ा में संस्थान आज भी जर्जर भवन में संचालित है, जबकि इंदरगढ़ में नया भवन बन चुका है। वहीं लोह पीटा समाज को जमीन के पट्टे और आवास देने की घोषणा भी अब तक अधूरी है। ऐसे में नए पुल पर सूर्य की किरणों से झिलमिलाती रोशनी के बीच जनता की निगाहें इस बात पर टिकी है कि क्या इस बार केवल नई घोषणाएं होगी, या वर्षों से लंबित वादों को भी हकीकत का रास्ता मिलेगा।
अधर में अटके कार्यों को गति देने के प्रयास में संबंधित विभाग के अधिकारियों से चर्चा की जाएगी। काम रुकने के कारणों के संबंध में जवाब तलब करेंगे। शासन तक भी समस्या पहुंचाएंगे।- सेंवढ़ा अशोक कुमार अवस्थी, एसडीएम (MP News)