
datia bypoll 2026- दतिया उपचुनाव में घोषणा के साथ ही राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। भाजपा ने औपचारिक रूप से किसी नेता को उम्मीदवार नहीं बनाया है, लेकिन पूर्व गृहमंत्री एवं पूर्व विधायक नरोत्तम मिश्र भी क्षेत्र में सक्रिय है। कांग्रेस भी अपना उम्मीदवार घोषित करने वाली है।
दतिया का उपचुनाव दिलचस्प होने वाला है। क्योंकि हाल ही में कांग्रेस के विधायक रहे राजेंद्र भारती को कोर्ट से एक मामले में सजा हो गई, तो उनकी विधायकी खत्म हो गई। इसीलिए दतिया में उपचुनाव हो रहे हैं। इसी क्षेत्र से भाजपा के पूर्व विधायक एवं पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा सक्रिय हो गए हैं, वे इस सीट पर खुद की दावेदारी मानकर सक्रिय हो गए हैं। हालांकि भाजपा किसे उम्मीदवार बनाएगी, यह केंद्रीय नेतृत्व तय करेगा। वहीं हाल ही में विधायकी जाने के बाद राजेंद्र भारती दोबारा चुनाव नहीं लड़ पाएंगे, इसलिए कांग्रेस उनके परिवार के किसी सदस्य को मैदान में उतार सकती है। इसके अलावा भी कांग्रेस से कई दावेदार हैं, जो चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं।
दतिया विधानसभा में कांग्रेस नेता राजेंद्र भारती और भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा के बीच लंबे समय से प्रतिद्वंदिता है। कभी राजेंद्र चुनाव जीत जाते हैं तो कभी नरोत्तम मिश्रा चुनाव जीत जाते हैं। कभी राजेंद्र भारती को चुनाव हराने वाले नरोत्तम मिश्रा भी अयोग्य घोषित हो गए थे, लेकिन कोर्ट से राहत मिल गई थी।
एमपी की राजनीति में रुचि रखने वाले दतिया उपचुनाव को अब प्रतिष्ठा की लड़ाई मान रहे हैं। एक तरफ बीजेपी अपने संगठन और विकास के दावों के साथ मैदान में उतरेगी, वहीं कांग्रेस पिछली जीत के उत्साह को दोहराने की उम्मीद लगाए बैठी है। दोनों ही पार्टियों की यहां प्रतिष्ठा जुड़ी है। जनता दोबारा कांग्रेस को जिताना चाहेगी या भाजपा को फिर से मौका देगी। अब सारा खेल जनता के फैसले पर टिक गया है।
भाजपा सरकार में गृहमंत्री रह चुके नरोत्तम मिश्रा के बारे में कोई औपचारिक फैसला नहीं हुआ है, लेकिन तीन बार लगातार जीतने वाले नरोत्तम को लोग भावी उम्मीदवार मान रहे है, नरोत्तम भी क्षेत्र में सक्रिय होकर जातिगत समिकरण साधने में जुटे हैं। स्थानीय कार्यकर्ताओं से संपर्क में है। नरोत्तम मिश्रा 2008, 2013 और 2018 में लगातार जीत की हैट्रिक लगा चुके हैं। इसके बाद 2023 के चुनाव में कांग्रेस के राजेंद्र भारती से महज 7742 वोटों के अंतर से हार गए थे। इसके पीछे ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी मतदाताओं में नरोत्तम के खिलाफ नाराजगी की बातें सामने आई थीं। इसी के बाद से सख्त, बेबाक बयान देने वाले नरोत्तम अब सहज, सरल और अपने व्यवहार में बदलाव के भी संकेत दे रहे हैं। यही कारण है कि स्थानीय कार्यक्रमों में वे कहते हैं कि हम सुधारवादी हैं और सुधार करेंगे। हमारी कोई भी गलती है, हम सुधार करेंगे।
कांग्रेस के विधायक रह चुके हैं राजेंद्र भारती। राजेंद्र भारती दतिया के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री श्याम सुन्दर श्याम के बेटे है। राजेंद्र भारती दतिया से विधायक रह चुके हैं। साल 2023 में राजेंद्र भारती चर्चा में आए थे जब विधानसभा चुनाव में उन्होंने पूर्व गृह मंत्री और लगातार तीन बार से विधायक रहे नरोत्तम मिश्रा को हराया था।
नामांकन पत्र दाखिल करने की आखिरी तारीख 13 जुलाई 2026 (सोमवार) निर्धारित की गई है। इसके बाद 14 जुलाई 2026 (मंगलवार) को नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) होगी। वहीं, उम्मीदवार 16 जुलाई 2026 (गुरुवार) तक अपना नामांकन वापस ले सकते हैं। मतदान 30 जुलाई 2026 (गुरुवार) को होगा, जबकि मतों की गणना 3 अगस्त 2026 (सोमवार) को होगी। पूरी चुनाव प्रक्रिया 4 अगस्त 2026 (मंगलवार) को पूरी कर ली जाएगी।