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दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव का ऐलान, चुनाव आयोग ने जारी किया नोटिफिकेशन

Datia Assembly By-Election : दतिया विधानसभा सीट पर उप चुनाव की घोषणा कर दी गई है। इस सीट पर 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि 3 अगस्त को मतगणना होगी।
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Datia Assembly By-Election

Datia Assembly By-Election (दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव का ऐलान Photo Source- Patrika)

Datia News : लंबी अटकलों के बाद आखिरकार मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा-22 सीट को लेकर चुनाव आयोग ने उप-चुनाव की घोषणा कर दी गई है। इस संबंध में आयोग की ओर से नोटिफिक्शन जारी कर उप-चुनाव सेजुड़ा विवरण जारी कर दिया गया है। इसी के साथ विधानसभा क्षेत्र में धारा 144 लागू हो गई है।

भारत निर्वाचन आयोग ने एमपी की दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव का ऐलान कर दिया है। एमपी की राजनीति में ये सीट इसलिए भी खास रही है, क्योंकि इस सीट पर 2023 में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को हराया था। हालांकि, अप्रैल 2026 में उनको अदालत के एक फैसले के बाद अयोग्य घोषित कर दिया था, जिसके चलते उनकी विधायकी खत्म हो गई थी।

चुनाव आयोग ने जारी किया निर्वाचन कार्यक्रम

फिलहाल, चुनाव आयोग की ओर से जारी निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार, चुनाव प्रक्रिया की शुरुआत 6 जुलाई 2026 (सोमवार) को राजपत्र (गजट) अधिसूचना जारी होने के साथ होगी। नामांकन पत्र दाखिल करने की आखिरी तारीख 13 जुलाई 2026 (सोमवार) निर्धारित की गई है। इसके बाद 14 जुलाई 2026 (मंगलवार) को नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) होगी। वहीं, उम्मीदवार 16 जुलाई 2026 (गुरुवार) तक अपना नामांकन वापस ले सकते हैं। मतदान 30 जुलाई 2026 (गुरुवार) को होगा, जबकि मतों की गणना 3 अगस्त 2026 (सोमवार) को होगी। पूरी चुनाव प्रक्रिया 4 अगस्त 2026 (मंगलवार) को पूरी कर ली जाएगी।

क्या है पूरा मामला?

बता दें कि, साल 2026 में ही 2 अप्रैल को इस सीट से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को को-ऑपरेटिव बैंक घोटाले में दोषी ठहराया गया था। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें तीन साल की सजा सुना दी। हालांकि, कोर्ट ने 50 हजार रुपए के निजी मुचलके पर उन्हें जमानत भी दे दी। इसी मामले में सह-आरोपी रघुवीर शरण प्रजापति को भी कोर्ट ने तीन साल की सजा सुनाई थी और बाद में उन्हें भी जमानत मिल गई थी। लेकिन नियमानुसार, अगर कोई विधायक को दो साल या उससे अधिक की सजा होती है तो उसकी विधानसभा सदस्यता उसी समय से समाप्त हो जाती है।

कोर्ट ने सुनाया था फैसला

फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने आदेश दिया था कि, राजेंद्र भारती को आईपीसी की धारा 120बी (आपराधिक साजिश) के साथ धारा 420, 467, 468 और 471 के तहत दोषी पाया गया हैय़ उल्लेखनीय है कि राजेंद्र भारती ने अपने खिलाफ चल रहे मुकदमे को ग्वालियर स्थित एमपी/एमएलए कोर्ट से दिल्ली स्थानांतरित कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।