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‘सच में प्यार करते हो तो कलेक्टर के….’, प्रेमिका की अजीब शर्त, दहलीज पर बेहोश हुआ भूखा-प्यासा प्रेमी

Selfie with Collector Swapnil Wankhade : कलेक्ट्रेट की दहलीज पर भूख और प्यास से हुआ बेहोश, जेब में नहीं बचे थे होटल के पैसे... गर्लफ्रेंड की अजीब शर्त को पूरा करने यूपी से एमपी आया युवक।

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Selfie with Collector Swapnil Wankhade

Selfie with Collector Swapnil Wankhade प्रेमिका की अजीब शर्त (SOURCE: PATRIKA)

Selfie with Collector Swapnil Wankhade: कहते हैं इश्क में इंसान सात समंदर पार कर जाता है, लेकिन उत्तर प्रदेश के चंदौली के रहने वाले 26 वर्षीय राजकुमार गुप्ता के लिए यह सफर सात समंदर नहीं बल्कि दतिया कलेक्ट्रेट तक का था। वजह कोई सरकारी काम नहीं, बल्कि अपनी प्रेमिका को यह साबित करना था कि वह उससे सच्चा प्यार करता है। गर्लफ्रेंड ने शर्त रखी थी…अगर सच में प्यार करते हो, तो दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े के साथ फोटो खिंचवाकर दिखाओ, वरना ब्रेकअप! बस, इसी चुनौती को पूरा करने के लिए राजकुमार अपनी टैक्सी छोड़ सैकड़ों किलोमीटर दूर दतिया पहुंच गया।

खबर के प्रमुख बिंदु

  • प्रेमिका की अजीब शर्त पर यूपी से दतिया पहुंचा प्रेमी
  • शर्त थी…कलेक्टर के साथ सेल्फी या ब्रेकअप ?
  • कलेक्ट्रेट की दहलीज पर भूख और प्यास से हुआ बेहोश, जेब में नहीं बचे थे होटल के पैसे
  • कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने अस्पताल पहुंचकर पूरी की युवक की मुराद, साथ में खिंचवाई सेल्फी

होटल का बिल चुकाने तक के पैसे नहीं बचे थे

सोशल मीडिया पर चर्चित दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े(Selfie with Collector Swapnil Wankhade) से मिलने की चाह में राजकुमार ट्रेन से झांसी और फिर बस से दतिया पहुंचा। शनिवार को वह कलेक्ट्रेट पहुंचा, लेकिन छुट्टी होने के कारण मुलाकात नहीं हो पाई। रविवार उसने किसी तरह एक होटल में काटा, लेकिन सोमवार सुबह तक उसकी हिम्मत जवाब देने लगी। भीषण गर्मी, लगातार सफर, भूख और थकान के कारण राजकुमार कलेक्ट्रेट परिसर में पानी पीते समय अचानक बेहोश होकर गिर पड़ा। हालत यह थी कि उसके पास होटल का बिल चुकाने तक के पैसे नहीं बचे थे।

कलेक्टर ने अस्पताल पहुंचकर सेल्फी खिंचवाई

जब इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े को मिली, तो उन्होंने तुरंत संवेदनशीलता दिखाई। उन्होंने न केवल युवक को जिला अस्पताल भिजवाया, बल्कि खुद वार्ड में पहुंचकर उसका हालचाल जाना। राजकुमार की मुराद तब पूरी हुई जब कलेक्टर ने उसके बेड के पास खड़े होकर उसके साथ सेल्फी खिंचवाई।

वर्जन

जब आप जनता के लिए समर्पित भाव से काम करते हैं, तो उसकी गूंज दूर तक होती है। सैकड़ों किमी दूर से एक युवक का सिर्फ आस्था पूर्वक मिलने आना मेरे लिए एक अलग अनुभव (डिफरेंट फीलिंग) है। उसकी तबीयत बिगड़ना चिंताजनक था, इसलिए अस्पताल पहुंचकर उसका हाल जानना जरूरी था। - स्वप्निल वानखड़े, कलेक्टर, दतिया