प्रशासन ने बैठक में लिए कई निर्णय: संक्रमितों में 12 वर्ष से कम उम्र के ब"ाों की छंटनी, जिले में कोरोना पीडि़त ब'चे सामने आने से चिंता में प्रशासन
दौसा. कोरोना की दूसरी लहर तो अब धीरे-धीरे थमती जा रही है, लेकिन अब तीसरी लहर के आने की आशंका सता रही है। यह भी आशंका जताई जा रही है कि तीसरी लहर बालकों के लिए अधिक नुकसान दायक हो सकती है। चिकित्सा विभाग भी अभी से चौकन्ना हो गया है। मई 2021 में आने वाले कोरोना पॉजिटिव केसों में से चिकित्सा विभाग ने बालकों की छंटनी कर ली है, जिसमें 12 वर्ष की आयु तक के &41 बालक पॉजिटिव पाए जा चुके हैं। कलक्ट्रेट सभागार में रविवार को चिकित्सा विभाग एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने बैठक कर तीसरी लहर को देखते हुए बालकों के स्वास्थ्य के प्रति कई निर्णय किए हैं।
डिप्टी सीएमएचओ डॉ. सुभाष बिलौनिया ने बताया कि रविवार को बैठक में निर्णय किया कि चिकित्सा विभाग की टीमें जिले में घर-घर जाकर बालकों के स्वास्थ्य की जांच करेगी। जिन घरों में बीमार बालक मिलेंगे, उनको दवाइयां वितरित की जाएगी। महत्वपूर्ण निर्णय यह किया कि जिला अस्पताल में कोविड पॉजिटिव बालकों को भर्ती करने के लिए अलग से कोविड वार्ड बनाया जाएगा। इस वार्ड में ऑक्सीजन व वेंटिलेटर सहित पूरी सुविधाएं रखी जाएगी।
बैठक में जिला परिषद सीईओ एलके बालोत, दौसा उपखण्ड अधिकारी संजय गौरा, कार्यवाहक पीएमओ डॉ. बत्तीलाल मीना, ऑक्सीजन कमेटी के कैलाश शर्मा, बैड कमेटी सदस्य डॉ. रामखिलाड़ी व जिला कंट्रोल रूम जगदीश प्रसाद सहित कई अधिकारी मौजूद थे।
परिजनों को किया जा रहा है सतर्क
कार्यवाहक सीएमएचओ डॉ. सुभाष बिलौनिया ने बताया कि चिकित्सा विभाग की जो टीम घरों में सर्वे के लिए जाएगी वे टीम बालकों के परिजनों को भी सावचेत करेगी कि बालकों को थोड़ी भी परेशानी हो तुरंत बालकों का अ'छे चिकित्सक के पास इलाज कराएं। बालकों के स्वास्थ्य के प्रति कतई लापरवाही नहीं बरतें। उल्लेखनीय है कि दूसरी लहर में कोरोना ने फिर भी बालकों को अधिक प्रभावित नहीं किया है। इधर तीसरी लहर में बालकों के स्वास्थ्य के प्रति परिजन भी चिंतित दिखाई दे रहे हैं।