दौसा

Morel Dam: राजस्थान में झमाझम बारिश, मोरेल बांध से आई बड़ी खुशखबरी, आमेर सागर भी लबालब

Morel Dam : राजस्थान में झमाझम बारिश के चलते कई बांध छलकने के लिए तैयार हैं। प्रदेश के कई बांधों में पानी की आवक तेजी से जारी है।

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Aug 14, 2024

Morel Dam : राजस्थान के कई जिलों में झमाझम बारिश का दौर जारी है। तेज बारिश के चलते प्रदेश के कई बांध छलकने के लिए तैयार हैं। दरअसल तेज बारिश के चलते बांधों में पानी का आवक लगातार जारी है। इस बीच दौसा जिले के मोरेल बांध, जयपुर के आमेर सागर और बीसलपुर बांध में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।

मोरेल बांध भरा

बुधवार सुबह दौसा जिले का मोरेल बांध लबालब भर चुका है। यह बांध 5 साल बाद पूरा भरा है। इस बांध को दौसा और सवाईमाधोपुर की लाइफलाइन माना जाता है। ऐसे में जिलों के 73 गांवों के किसानों को बड़ी राहत मिली है। दरअसल इस बांध से किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलता है। बांध की कुल भराव क्षमता 30 फीट 6 इंच है। इस बांध का निर्माण कार्य 4 साल में पूरा हुआ और 1952 में यह तैयार हुआ। इसके रख-रखाव की जिम्मेदारी दौसा जिला प्रशासन के पास है।

आमेर सागर पर बढ़ी सुरक्षा

वहीं जयपुर से भी इस वक्त बड़ी खबर आ रही है। दरअसल जयपुर के आमेर सागर में चादर चलने की संभावना बढ़ गई है। ऐसे में पुलिस ने आमेर सागर की सुरक्षा को बढ़ा दिया है। जयपुर शहर में दो दिन हुई तेज बरसात के बाद आमेर सागर में पानी की आवक तेजी से बढ़ी है। सागर की पाल से रिसाव भी शुरू हो चुका है। उधर, बीसलपुर बांध में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बुधवार सुबह बांध का गेज 312.59 आरएल मीटर तक पहुंच गया है। बीते 24 घंटों में बांध का जलस्तर 12 सेंटीमीटर तक बढ़ चुका है। बांध की कुल भराव क्षमता 315.50 आरएल मीटर है।

इस बीच पार्वती बांध में पानी की आवक घटती देख सिंचाई विभाग ने दो गेट बंद कर दिए। वहीं दो गेटों खोलकर ही पानी बाहर निकाला गया। बांध का जलस्तर 222.95 बना हुआ है, जबकि पानी की आवक 61.55 क्यूमेक है। सिंचाई विभाग की ओर से दो गेट से 61.55 क्यूमेक पानी ही छोड़ा जा रहा है। वहीं केवलादेव राष्ट्रीय पक्षी उद्यान में करौली के पांचना बांध का पानी लंबे इंतजार के बाद पहुंच गया। मंगलवार को पांचना के पानी से अजान बांध करीब साढ़े पांच फीट भर गया। रात्रि से पानी की रफ्तार तेज हुई। करौली में तेज बारिश के बाद करीब 35 हजार क्यूसेक पानी पांचना बांध के गेट खोलकर निकाला गया है। इस पानी का घना को लंबे समय से इंतजार था।

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