पिछले 15 दिनों से दौसा शहर में बड़ी संख्या में चोरी की वारदातें पुलिस के लिए सिरदर्द बनी हुई थी, लेकिन बुधवार रात चोरी करता हुआ पुलिस का एक कांस्टेबल ही पकड़ा गया।
जब रक्षक ही अपराधी बन जाए तो शहर की सुरक्षा व्यवस्था कैसी होगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। पिछले 15 दिनों से दौसा शहर में बड़ी संख्या में चोरी की वारदातें पुलिस के लिए सिरदर्द बनी हुई थी, लेकिन बुधवार रात चोरी करता हुआ पुलिस का एक कांस्टेबल ही पकड़ा गया। दरअसल, लगातार हो रही चोरी की घटनाओं के बाद बीती रात दौसा पुलिस अलर्ट मोड में थी। संदिग्ध व्यक्तियों को रोककर पूछताछ की जा रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि सोमनाथ औद्योगिक क्षेत्र स्थित व्यास आइस फैक्ट्री में चोरी करने के लिए एक व्यक्ति दीवार फांद कर घुसा है। इस पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और एक जने को पकड़ लिया। आरोपी से पूछताछ की तो सामने आया कि वह दौसा पुलिस लाइन का कांस्टेबल जितेंद्र सिंह उर्फ जीतू घोड़ा है।
कोतवाली थाना प्रभारी लालसिंह यादव ने बताया कि गुरुवार को आरोपी कांस्टेबल जितेंद्र सिंह निवासी आजहु, कुम्हेर जिला भरतपुर को गिरफ्तार कर सीजेएम के समक्ष पेश किया, जहां से 15 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया। आरोपी नशे का आदी है। तनख्वाह भी नशे में उड़ा देता था। पैसे खत्म हो गए थे, इसलिए चोरी कर रहा था। फैक्ट्री संचालक महेशचंद शर्मा ने मामला दर्ज कराकर पुलिस को बताया कि बुधवार सुबह फैक्ट्री से लोहे की प्लेट्स, पाइप, वाल्व आदि सामान चोरी हुआ तथा कुछ पाइप चोर बाहर निकालकर रख गए। इससे अंदेशा था कि चोर पाइपों को लेने फिर से आएंगे। रात को जितेन्द्र फैक्ट्री की दीवार कूदकर अंदर घुसा और सामान चुराकर भागने की कोशिश कर रहा था। जनरेटर का भी लॉक तोड़ दिया था। इस पर तुरंत पुलिस को सूचना दी तथा पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने अपने साथी मनीष मीना निवासी छोटा महेश्वरा के साथ सुबह छह बजे भी चोरी की वारदात को अंजाम दिया था।
शहर में गत दिनों एक साथ आठ जगह व एक कॉलोनी में पांच मकानों के ताले तोड़ने सहित चोरी कई वारदातें होने पर बुधवार रात बड़ी संख्या में पुलिस बल निगरानी में लगा था। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि कोतवाली से 33, लाइन से 10, डीएसटी व 2-2 पुलिस कार व बाइक सहित निजी वाहनों से रात को गश्त की गई। बीते दो सालों से दौसा पुलिस की भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर छवि बिगड़ी हुई थी। आधा दर्जन से अधिक अधिकारी व पुलिसकर्मी रिश्वत के मामलों में पकड़े गए थे। अब चोरी के मामले में पुलिसकर्मी के पकड़े जाने से एक और दाग लगा है।