दौसा

दौसा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर चालान काटने पर विवाद, RTO के उड़नदस्ते पर अवैध वसूली का आरोप

Delhi-Mumbai Expressway: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर वाहनों का चालान काटते वक्त परिवहन विभाग के कार्मिक और टोल कर्मचारियों के बीच विवाद हो गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है।
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Dec 14, 2024

दौसा। राजस्थान के दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर वाहनों का चालान काटते वक्त परिवहन विभाग के कार्मिक और टोल कर्मचारियों के बीच विवाद हो गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है, जिसमें टोल कर्मचारियों के साथ-साथ ट्रक चालक भी परिवहन निरीक्षक मुक्ता वर्मा पर अवैध वसूली का आरोप लगा रहे हैं। हालांकि, आरटीओ ने आरोपों को खारिज कर दिया है। बता दें कि दौसा आरटीओ के उड़नदस्ते पर पहले भी ऐसे आरोप लग चुके है।

वायरल हो रहा वीडियो दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर वाहनों की चैकिंग के दौरान का बताया जा रहा है। जिसमें साफ दिख रहा है कि उड़नदस्ते के कर्मचारियों ने कई ट्रक और ट्रेलर को एक्सप्रेस वे पर रोक कर चालान काटने की ​कोशिश की। तभी मौके पर टोल कर्मचारी पहुंच गए और परिवहन विभाग की कार्रवाई का विरोध किया। साथ ही इस पूरी घटना का वीडियो भी बना लिया।

टोलकर्मियों ने आरटीओ पर लगाया ये आरोप

टोलकर्मियों ने जब कहा कि परिवहन विभाग को एक्सप्रेसवे पर चालान काटने का कोई अधिकार नहीं है। इस पर परिवहन निरीक्षक मुक्ता वर्मा ने कहा कि ऐसा कोई आदेश नहीं कि एक्सप्रेस वे पर चैकिंग नहीं कर सकते है। टोल कर्मचारियों और ट्रक चालकों का आरोप है कि आरटीओ अधिकारी मुक्ता वर्मा दिल्ली—मुंबई एक्सप्रेसवे पर अवैध वसूली करती हैं। साथ ही वाहन चालकों के साथ बदसलूकी भी करती हैं। एक्सप्रेसवे पर आरटीओ को जांच की अनुमति नहीं है, फिर भी वसूली की जा रही है।

ट्रक चालकों ने की कार्रवाई की मांग

ट्रक चालकों ने राज्य और केंद्र सरकार के परिवहन मंत्रियों से इस पर तुरंत कार्रवाई की मांग की है। चालकों का कहना है कि ऐसे कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि ट्रांसपोर्ट व्यवसाय बिना बाधा के चल सके।

आरटीओ ने दी ये सफाई

अवैध वसूली के आरोप पर आरटीओ जगदीश अमरावत ने कहा कि परिवहन निरीक्षक मुक्ता सोनी टोल कर्मियों की गाड़ियों का निरीक्षण करने के लिए एक्सप्रेस वे पर गई थी। लेकिन, किसी भी वाहन चालक से कोई अवैध वसूली नहीं की गई है। पहले भी टोल कर्मियों के चालान काटे गए थे, क्योंकि उन्होंने टैक्स नहीं दिया था। टोल कर्मियों ने परिवहन विभाग पर दबाव बनाने के लिए वीडियो बनाकर वायरल किया है। वहीं, मुक्ता सोनी ने कहा कि जब ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की तो टोलकर्मी भड़क गए और बेबुनियाद आरोप लगाने लगे।

Updated on:
14 Dec 2024 03:16 pm
Published on:
14 Dec 2024 03:14 pm