दौसा

नानी बाई रो मायरो कथा सुनने उमड़ी भीड़

श्याम मंदिर चरणधाम दौसा का पाटोत्सव

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Feb 19, 2021
नानी बाई रो मायरो कथा सुनने उमड़ी महिलाओं की भीड़।

दौसा. श्याम मंदिर चरणधाम के पाटोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित तीन दिवसीय नानी बाई रो मायरो भक्ति रसपूर्ण कथा का श्रवण करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। कथा व्यास शंकरदास ने कहा कि जीवन में सच्चा मित्र वहीं हैं, जो कि विपत्ति में साथ दे। मनुष्य को श्रीकृष्ण-सुदामा जैसी मित्रता करनी चाहिए। और भक्ति नरसी जैसी करनी चाहिए। प्रभु हर विपत्ति में सच्चा साथ निभाते हुए भक्त का मान रखते हैं। श्रीकृष्ण ने नरसी भक्त की हुंडी ही नहीं स्वीकारी, बल्कि स्वयं गोविंद नरसी भगत के साथ नानी बाई का मायरा भरने पहुंचे। संयोजक राजेश ठाकुरिया ने बताया कि 20 फरवरी को 108 अखंड रामायण पाठ शुरू होंगे। 21 फरवरी को संत रिछपाल दास त्रिवेणी धाम के आशीर्वचन एवं पूर्णाहुति होगी।

रामकथा में भगवान के जन्म पर झूमे श्रद्धालु
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दी आहुतियां
रामगढ़ पचवारा (लालसोट). रामगढ़ पचवारा कस्बे के नले वाले हनुमान मंदिर परिसर में जारी 108 कुंडीय रुद्र महायज्ञ के पांचवें दिन गुरुवार को सभी 108 हवन कुंडों पर यजमानों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आहुतियां दी।
इस दौरान यज्ञाध्यक्ष महंत रामदास के सानिध्य में मुख्य कुंड के यजमान मोहन सोनी और अन्य 108 कुंडों पर अन्य यजमानों ने आहुतियां देकर विश्व शांति व मानव कल्याण की कामना की। वैदिक मंचोच्चार से पूरा वातावरण धर्ममय हो गया। वीरेन्द्र शास्त्री की अगुवाई में विप्रजनों द्वारा सभी यजमानों को पूजा अर्चना कराई। यज्ञशाला की परिक्रमा देने के लिए दिन भर श्रद्धालुओं का भी तांता लगा रहा।
रामकथा में भगवान राम के जन्म की कथा के प्रसंग पर श्रृद्धालु झूम उठे। कथा वाचिका धर्ममूर्ति ने कहा कि पूरे संसार के लिए मर्यादा तय करने वाले भगवान राम की जन्म की दुर्लभ घटना के दौरान पूरे ब्रह्मंड के देवता भी उत्सुक थे और जैसे ही भगवान राम ने माता कौशल्या की कोख से जन्म लिया वैसे ही उन्होंने भी स्वर्ग से पुष्प वर्षा करते हुए भगवान की आरधना की। भगवान के जन्म की सजीव झांकी भी सजाई गई। यज्ञ के दौरान प्रतिदिन भंडारे का भी आयोजन किया जा रहा है। जिसमें हजारों श्रद्धालु पंगत प्रसादी ग्रहण कर रहे हैं।

Published on:
19 Feb 2021 10:10 am
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