- जिले में अभी 62.86 प्रतिशत बारिश, गत वर्ष से 160 एमएम कम बरसे मेघ
दौसा. जिला मुख्यालय सहित विभिन्न क्षेत्रों में सोमवार को भी रिमझिम बारिश का दौर बना रहा। हालांकि फुहारों से मौसम सुहाना रहा, लेकिन जिले के लोगों को झमाझम बारिश का इंतजार है ताकि बांध-तालाबों में पानी लबालब हो सके।
जिला मुख्यालय पर शनिवार से ही रिमझिम बारिश का दौर जारी है। सोमवार को तो धूप व बारिश के बीच लुकाछिपी का खेल चलता रहा। हर घंटे में कभी बारिश तो कभी धूप निकलती रही। तीन दिन से इस तरह के रिमझिम बारिश के मौसम से जनजीवन प्रभावित होने लगा है।
लोगों का कहना है कि रिमझिम से सड़कों पर कीचड़ हो रहा है। गड्ढ़ों में पानी भर गया है। बाजारों में जाना-आना मुश्किल हो रहा। वहीं घरों में कपड़े तक नहीं सूख पा रहे हैं। आमजन को झमाझम बारिश का इंतजार है, जिससे जलस्त्रोतों में पानी आ सके।
जल संसाधन विभाग के अनुसार सोमवार सुबह आठ बजे तक बीते 24 घंटों में सर्वाधिक दौसा में 15 एमएम, महुवा में 14, नांगल राजावतान में 12 तथा रामगढ़ पचवारा व राहुवास में 10 एमएम बारिश दर्ज की गई। जिले में अब तक कुल औसत बारिश 384.76 एमएम हुई है, जो मानूसन सीजन में होने वाली औसत बारिश का 62.86 प्रतिशत है। जिले में सामान्य बारिश 612.10 एमएम होनी चाहिए। गत वर्ष अभी तक करीब 547 एमएम बारिश हो चुकी थी।
वहीं मोरेल बांध में 16, सैंथल सागर में 13.3, सिनोली 4.8, झिलमिली 3.3, गेटोलाव 2.3, चांदराना 4.8, सिंथोली 3.6, माधोसागर बांध 5.3 फीट भरा है। जल संसाधन विभाग के 18 में से 8 बांधों में ही अभी मामूली पानी आया है। 10 बांध तो पूरी तरह खाली हैं। वहीं पंचायत राज के बांध मात्र 6 बांधों में पानी आया है। 15 बांध अभी तक रीते पड़े हैं। रामपुरा 4.3, हरिपुरा 1.2, महेश्वरा 1.3, भांकरी 4.2, नामोलाव 2.7, उपरेड़ा 1.8 फीट पानी की आवक हुई है।