न्यायालय के स्थगन आदेश बाद पहुंचे कार्यालय, सरकार ने हटाया तो ले आए स्थगन आदेश
दौसा. जिला अस्पताल में गुरुवार को प्रमुख चिकित्सा अधिकारी के एक पद पर दो पीएमओ ने काम किया। एक पीएमओ को सरकार ने लगाया था, तो दूसरा गत दिवस राजस्थान उच्च न्यायालय से स्थगन आदेश ले आया। गुरुवार को दोनों ही चिकित्साधिकारियों ने एक टेबल पर दो कुर्सियां लगा कर काम किया। रोचक तो यह है कि जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने दोनों ही चिकित्साधिकारियों का स्वागत कर माला पहनाई।
जानकारी के अनुसार करीब डेढ़ महीने पहले तत्कालीन पीएमओ डॉ. सीएल मीना को सरकार ने हटा दिया था। उसके बाद सरकार ने दन्त चिकित्सक डॉ. दीपक शर्मा को पीएमओ पद पर लगा दिया। सरकार के हटाने के आदेश पर तत्कालीन पीएमओ डॉ. सीएल मीना ने राजस्थान उच्च न्यायालय में वाद दायर कर दिया और उच्च न्यायालय ने उनको स्थगन आदेश जारी कर वापस पीएमओ पद पर लगाने के आदेश जारी कर दिए। गुरुवार सुबह स्थगन आदेश लेकर जिला अस्पताल में डॉ. सीएल मीना पहुंच गए। उनको नियुक्ति दे दी। वे भी पीएमओ की टेबल के आगे कुर्सी पर बैठ गए और डॉ. दीपक शर्मा भी बैठ गए। हालांकि जिला अस्पताल के कई चिकित्सकों ने दोनों ही चिकित्साधिकारियों का स्वागत कर माला पहना दी।
इस मामले में डॉ. दीपक शर्मा ने बताया कि उनको निदेशालय (सरकार) ने लगाया है। डॉ. सीएल मीना पहले ही जिला अस्पताल में तैनात थे, उनको पीएमओ पद से ही हटाया था, ऐसे में उनको ज्वाइनिंग दे दी। लेकिन उनको अधिकार नहीं दिए, ऐसे में काम उनके पास ही है। यदि वे न्यायालय के स्थग्न आदेश लेकर आए हैं तो उनकी पालना निदेशालय से होगी। इधर डॉ. सीएल मीना ने बताया कि उनको न्यायालय ने आदेश दिया है, ऐसे में वे ही पीएमओ है।