दौसा

राजस्थान में चुनाव प्रचार: खेत में पहुंचे BJP और कांग्रेस प्रत्याशी, एक तो गेहूं काटने लगा, वीडियो हो रहा वायरल

Lok Sabha Elections 2024 : नेता वोट के लिए ना केवल घर-घर जाकर हाथ जोड़ रहे हैं, बल्कि खेतों में फसल काटने से भी परहेज नहीं कर रहे हैं। कुछ ऐसा ही नजारा इन दिनों दौसा लोकसभा क्षेत्र में दिखाई दे रहा है।
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Apr 04, 2024
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Lok Sabha Elections 2024 : दौसा। राजस्थान में दो चरणों में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान अब परवान चढ़ने लगा है। एक तरफ बीजेपी और कांग्रेस के स्टार प्रचारक अपने-अपने प्रत्याशियों के समर्थन में सभाएं कर रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर नेता वोट के लिए ना केवल घर-घर जाकर हाथ जोड़ रहे हैं, बल्कि खेतों में फसल काटने से भी परहेज नहीं कर रहे हैं। कुछ ऐसा ही नजारा इन दिनों दौसा लोकसभा क्षेत्र में दिखाई दे रहा है।

इन दिनों भाजपा प्रत्याशी कन्हैयालाल मीणा और कांग्रेस प्रत्याशी मुरारीलाल मीणा खेतों में पहुंचकर किसानों को रिझाने में जुटे है। सोशल मीडिया पर भी दोनों पार्टियों के नेताओं की तस्वीरें वायरल हो रही है। जिसमें भाजपा प्रत्याशी कन्हैयालाल मीणा फसल काटते नजर आ रहे हैं तो कांग्रेस प्रत्याशी मुरारीलाल मीणा चिलचिलाती धूप में किसानों से चर्चा करते दिख रहे है।


महुवा विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में प्रचार के दौरान भाजपा प्रत्याशी का काफिला एक गांव से गुजरा तो कुछ महिलाएं व पुरुष किसान खेत में गेहूं की फसल काटते दिखाई दिए। इसको देखकर कन्हैयालाल मीणा रुके और वे किसानों के पास पहुंचे। इस दौरान भाजपा प्रत्याशी कन्हैयालाल मीणा और महुवा विधायक राजेंद्र प्रधान ने किसानों के काम में हाथ बंटाया और गेहूं की फसल की कटाई की।

महुवा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी द्वारा लावणी करने की यह तस्वीर अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। फसल काटने के इस दृश्य को देखने वाले लोग यही कमेंट कर रहे हैं कि कल तक ये नेता एसी गाड़ियों में बैठकर बगल से निकल जाते थे। किसान हाथ जोड़ता था...लेकिन, जवाब नहीं मिलता था। आज ये ही किसान के हाथ जोड़कर उनके काम में हाथ बंटा रहे हैं। सच है कि वोट के लिए नेताओं को क्या-क्या नहीं करना पड़ता हैं।

इसी तरह कांग्रेस प्रत्याशी मुरारीलाल मीणा की भी किसानों को रिझाने की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। मुरारीलाल मीणा भी अपने चुनाव प्रचार के दौरान ट्रैक्टर पर सवार हुए और चुनाव प्रचार किया। इस दौरान उन्होंने किसान की पहचान माने जाने वाले ट्रैक्टर को चलाया और किसानों के बीच जाकर वोट मांगे।

दरअसल, चुनाव की राजनीति किसान और उनकी समस्याओं के इर्द-गिर्द घूमती है। बरसों से नेता इनके नाम पर ही वोटों की राजनीति करते आ रहे हैं और वोटो की फसल काटते हैं। किसानों की समस्याओं का समाधान हो या न हो, लेकिन नेताओं का भला जरूर हो जाता है। इस बार भी नेता गांवों में जाकर वोट मांगने में लगे हुए हैं।

Published on:
04 Apr 2024 03:11 pm