
रोड सेफ्टी को लेकर सचिव ने ली समीक्षा बैठक, पत्रिका फोटो
Interstate Bus Registration: दौसा जिले में दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेसवे पर बीते एक जुलाई को ट्रेलर और बस की टक्कर में 8 लोगों की मौत ने परिवहन व्यवस्था की एक बड़ी खामी उजागर कर दी है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि हादसे में शामिल बस का पंजीकरण अरुणाचल प्रदेश में हुआ था। प्रशासन की जांच के अनुसार यह बस भी अरुणाचल प्रदेश के परिवहन कार्यालय तेजू, जिला लोहित में पंजीकृत हुई थी। अरूणाचल प्रदेश में सुरक्षा नियमों की अनदेखी और ढीले नियमों के चलते बसों को पंजीकृत कर दूसरे राज्यों में बेधड़क संचालन हादसों का बड़ा कारण बन रहा है।
परिवहन विभाग के सूत्र बताते हैं कि अरुणाचल प्रदेश व नागालैण्ड सहित कुछ राज्यों में व्यावसायिक वाहनों का पंजीकरण अपेक्षाकृत सरल प्रक्रिया से हो जाता है। टैक्स और तकनीकी शर्तें भी कई मामलों में कम सख्त मानी जाती हैं। इसी का फायदा उठाकर निजी बस ऑपरेटर वहां रजिस्ट्रेशन करवाते हैं, जबकि संचालन राजस्थान, दिल्ली और अन्य राज्यों में करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार इन वाहनों की फिटनेस, बॉडी बिल्डिंग और एआईएस (ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड) मानकों की गहन जांच स्थानीय स्तर पर नहीं हो पाती। इससे दुर्घटना की स्थिति में नुकसान कई गुना बढ़ जाता है।
हादसे के बाद मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने लगातार तीसरे दिन शुक्रवार को भी बैठक कर संभागीय आयुक्तों को सभी जिला कलक्टर्स की बैठक आयोजित कर जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समितियों की बैठकों की समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाएं।
बैठक में महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा,अतिरिक्त मुख्य सचिव, सार्वजनिक निर्माण विभाग प्रवीण गुप्ता एवं प्रमुख शासन सचिव परिवहन भवानी सिंह देथा शासन सचिव स्वायत शासन विभाग रवि जैन एवं परिवहन आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा सहित अनेक अधिकारी जुड़े।
Updated on:
04 Jul 2026 12:09 pm
Published on:
04 Jul 2026 12:09 pm
