
अस्पताल में भर्ती महिला व इनसेट में जलती बस। फोटो: पत्रिका
दौसा। राजस्थान के दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर मंगलवार देर रात हुए भीषण सड़क हादसे के बाद बस में लगी आग में आठ लोग जिंदा जल गए। हादसे में 25 यात्री भी घायल हुए, जिनका दौसा के जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। हादसा जिले के कोलवा थाना क्षेत्र में रात करीब 2.30 बजे हुआ है। हादसा इतना भयावह था कि बस पूरी तरह जल गई और शव राख में तब्दील हो गए। शवों को पोटली में बांधकर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। मृतकों की पहचान के लिए डीएन टेस्ट कराया जाएगा। इसके बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। हादसे के बाद अस्पताल और घटनास्थल पर जो दृश्य थे, उन्होंने हर किसी की आंखें नम कर दीं।
दौसा में हुए भीषण बस अग्निकांड में किसी ने पत्नी को खो दिया तो किसी अपने पति को खो दिया। आग की लपटों के बीच मची चीख पुकार के बाद 8 लोगों की मौत का मंजर देख लोगों की भी रूह कांप उठी। स्थानीय लोगों ने बताया कि कई शव सीट से चिपके ही रह गए तो कई शव सीट में नीचे बिखरे पड़े थे, जो कंकाल बन चुके थे। लोगों ने बताया कि ऐसा मंजर पहले कभी भी नहीं देखा। लोगों ने फायर ब्रिगेड के देरी से पहुंचने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि अगर समय पर दमकल की गाड़ियां पहुंच जाती तो शायद इतने लोग नहीं मरते।
इधर, घायलों की चीख पुकार से दौसा का जिला अस्पताल भी गूंज उठा। घायल होने के बाद भी कोई अपने पति तो कोई अपनी पत्नी के बारे में जानने कोशिश करते दिखे। जिला अस्पताल में भर्ती इंदौर की रहने वाली दिव्या बार-बार यही गुहार लगा रही है कि कोई मेरे पति को ढूंढकर ला दो। महिला ने बताया कि वह रात को वह अपने पति और दो बच्चों के साथ बस में सो रही थी। तभी तेज धमका हुआ और नींद खुल गई। देखा तो पति सीट पर नहीं था और बेटी के सिर से खून बह रहा था। बस में उठती आग की लटपे देखकर अपने दोनों बच्चों के साथ नीचे उतर आई। लेकिन, पति दीपक कहीं भी नहीं मिले। महिला अब पुलिस और प्रशासन से गुहार लगा रही है कि उसके पति को ढूंढकर ला दो।
हादसे में पत्नी प्रियंका को खो चुके जितेंद्र पांडेय का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने बताया कि उनकी सीट ड्राइवर के पीछे थी। टक्कर के बाद प्रियंका सीट के नीचे फंस गई। मैंने उसका हाथ पकड़कर बहुत खींचा, लेकिन पैर फंस गए थे। फिर खिड़की की तरफ से निकालने की कोशिश की। लेकिन, बस में आग लग गई। मेरी पत्नी मेरी ही आंखों के सामने जिंदा जल गई। मैंने लोगों से मदद की गुहार लगाई, लेकिन कोई कुछ नहीं कर सका। यह कहते-कहते जितेंद्र फूट-फूटकर रोने लगा।
बस में आग लगते ही अफरा-तफरी मच गई। खून से लथपथ लोग खुद को आग से बचाने के लिए बस से नीचे उतरने लगे। कई लोगों ने तो खिड़की से कूदकर जान बचाई। बस में सवार अन्य यात्रियों ने बताया कि हादसे के वक्त सभी यात्री गहरी नींद में थे। अचानक जोरदार धमाका हुआ और चारों तरफ शोर मच गया। लोग चिल्ला रहे थे कि बस में आग लग गई, जल्दी भागो। इसी दौरान कुछ लोग बस में फंसे ही रह गए और जिंदा जल गए।
ऋषिकेश से इंदौर जा रही बस आगे चल रहे ट्रेलर से टकरा गई। हादसे के बाद बस और ट्रेलर दोनों में आग लग गई। बस सड़क किनारे जाकर पलट गई। हादसे के वक्त बस में 39 यात्री सवार थे और अधिकांश गहरी नींद में थे। टक्कर के बाद आग इतनी तेजी से फैली कि कई यात्रियों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंचे तथा घायलों को दौसा जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जिला कलेक्टर सौम्या झा ने हादसे की जांच के लिए 8 सदस्यीय टीम बनाई है। टीम को जल्द से जल्द जांच कर रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए गए हैं।
Published on:
01 Jul 2026 03:06 pm
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