2 जुलाई 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Bus Fire Accident: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे हादसे की जांच में नया खुलासा, दौसा कलक्टर ने बताई बस अग्निकांड की वजह

Dausa Bus Fire Accident: दौसा बस हादसे की जांच रिपोर्ट में एक्सप्रेस-वे की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी कई कमियां सामने आई हैं। जिला कलक्टर ने बताया कि साइन बोर्ड, फायर टेंडर और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर सुझाव राज्य सरकार को भेजे गए हैं।
2 min read
Google source verification

दौसा

image

Rakesh Mishra

Jul 02, 2026

Bus Fire Accident

मौके का निरीक्षण करते हुए। फोटो- पत्रिका

दौसा। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर धनावड़-कोलवा के समीप जयपुर कनेक्टिविटी प्वाइंट पर हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। ऋषिकेश से इंदौर जा रही स्लीपर बस के ट्रेलर से टकराने के बाद लगी भीषण आग में 10 लोगों की मौत (8 की मौके पर व 2 की उपचार के दौरान) के बाद अब हादसे के कारणों की गहन जांच शुरू हो गई है। जिला प्रशासन ने आठ सदस्यीय जांच समिति गठित की है, जो तकनीकी खामियों से लेकर मानवीय भूल तक हर पहलू की पड़ताल कर रही है। जांच के दायरे में एनएचएआई की कार्यप्रणाली और सुरक्षा इंतजाम भी शामिल हैं।

यह वीडियो भी देखें

जिला कलक्टर सौम्या झा ने बताया कि आठ सदस्यीय मजिस्ट्रेट जांच टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण, प्रत्यक्षदर्शियों व ट्रेलर चालक के बयान तथा सीसीटीवी फुटेज के आधार पर रिपोर्ट तैयार की है, जिसे मुख्य सचिव की बैठक में प्रस्तुत कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि जांच में सामने आया है कि जयपुर-अजमेर मार्ग के लिए साइन बोर्ड स्पष्ट नहीं हैं और दिशा बताने वाले एरो भी नहीं लगे हैं, जिससे वाहन चालकों में भ्रम की स्थिति बनती है। इसी कारण अचानक गति कम होने से हादसे की आशंका बढ़ी। इन कमियों को राज्य स्तर पर सभी हाईवे पर दूर करने की सिफारिश की गई है।

अब एनएचएआई के साथ होगी बैठक

जिला कलक्टर ने कहा कि जांच में यह भी सामने आया कि एक्सप्रेस-वे पर फायर टेंडर की उपलब्धता नहीं होने से राहत कार्य प्रभावित हुआ। सूचना के कुछ ही मिनटों में पुलिस और एम्बुलेंस पहुंच गई थीं, लेकिन दमकल को मौके तक पहुंचने में करीब आधा घंटा लग गया। उन्होंने कहा कि बड़े हाईवे पर एनएचएआई को स्थाई फायर टेंडर की व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि बस में इमरजेंसी एग्जिट नहीं होना और आग लगने के कारणों में सिगरेट की भूमिका भी जांच का विषय है। साथ ही लंबी ड्राइविंग के दौरान नींद, अवैध पार्किंग और हाईवे पर आवारा पशुओं की आवाजाही भी हादसों के प्रमुख कारण हैं। इन सभी मुद्दों पर एनएचएआई के चेयरमैन के साथ होने वाली बैठक में चर्चा की जाएगी।

ऐसे हुआ हादसा

सीसीटीवी फुटेज की जांच में स्पष्ट दिख रहा है कि स्लीपर बस ट्रेलर के पीछे चल रही थी। ट्रेलर डायवर्जन पॉइंट से थोड़ा आगे निकल गया था और उसने स्पीड कम कर टर्न लेने की कोशिश की। इसी दौरान सीधे आ रही बस ट्रेलर से टकरा गई। वहीं दूसरी ओर हादसे में मृतकों की पहचान और शव परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया जारी है। रामकरण जोशी राजकीय जिला चिकित्सालय दौसा में रखे गए आठ शवों में से छह शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं।

इनमें धर्मसिंह (31) निवासी भूतेड़ी, जिला झाबुआ (मध्यप्रदेश), बस का खलासी कुलदीप, भूमि भौर निवासी बजरंग नगर, इंदौर, प्रियंका पाण्डे निवासी दशरथ पटेल कॉलोनी, बडवाह, खरगौन, दीपक तंवर निवासी कस्तूरबा मार्ग, बडवाह, जिला खरगौन और निर्मला गुप्ता निवासी अन्नपूर्णा नगर इन्दौर के शव परिजनों को सौंप दिए हैं। इनमें चार परिजनों के डीएनए सैंपल बुधवार को लिए गए थे, जबकि दो अन्य के सैंपल गुरुवार को लेकर जांच के लिए जयपुर भेजे गए हैं।