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दौसा जिला अस्पताल में तैनात 40 वर्षीय डॉक्टर की हार्ट अटैक से मौत, पत्नी भी हैं जयपुर में चिकित्सक

Dausa Doctor Death: दौसा जिला अस्पताल में तैनात 40 वर्षीय डॉ. हिमांशु शर्मा की शुक्रवार को जयपुर में मौत हो गई। सुबह सीने में दर्द होने पर वे पत्नी डॉ. अर्पणा शर्मा के साथ मालवीय नगर स्थित हॉस्पिटल में जांच के लिए पहुंचे थे। चेकअप के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ी और कुछ ही देर में उन्होंने दम तोड़ दिया।
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दौसा

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Arvind Rao

Jul 03, 2026

Dausa Doctor Himanshu Sharma Death

डॉक्टर हिमांशु शर्मा (पत्रिका फोटो)

Dausa Doctor Himanshu Sharma Death: दौसा: दौसा जिला अस्पताल में कार्यरत महज 40 वर्षीय डॉक्टर हिमांशु शर्मा की शुक्रवार को जयपुर में मौत हो गई। शुरुआती चिकित्सकीय जांच में उनकी मौत का कारण दिल का दौरा (हार्ट अटैक) माना जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक, डॉक्टर हिमांशु शर्मा को शुक्रवार से दो दिन पहले भी सीने में हल्के दर्द और बेचैनी की शिकायत हुई थी। अमूमन लोग जिसे गैस या सामान्य एसिडिटी समझ लेते हैं, वैसा ही कुछ समझकर डॉ. हिमांशु ने भी एक सामान्य टैबलेट ले ली थी। हालांकि, एहतियात बरतते हुए वे दौसा से छुट्टी लेकर जयपुर स्थित अपने घर आ गए थे।

बता दें कि शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे जब उन्हें दोबारा सीने में तेज दर्द महसूस हुआ, तो वे अपनी पत्नी डॉ. अर्पणा शर्मा (जो कि जयपुर के जयपुरिया गवर्नमेंट हॉस्पिटल में डॉक्टर हैं) के साथ मालवीय नगर स्थित राजस्थान हॉस्पिटल पहुंचे। डॉक्टरों की टीम अभी उनकी जांच कर ही रही थी कि अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। अस्पताल के डॉक्टरों ने उन्हें बचाने का पूरा प्रयास किया, लेकिन कुछ ही मिनटों में उन्होंने दम तोड़ दिया।

अस्पताल स्टॉफ में शोक की लहर

दौसा जिला अस्पताल के पीएमओ डॉ. आरके मीणा ने बताया कि सुबह करीब 11 बजे जैसे ही डॉ. हिमांशु के असामयिक मौत की सूचना मिली, पूरा अस्पताल स्टॉफ स्तब्ध रह गया। डॉ. हिमांशु साल 2023 से दौसा जिला अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रहे थे।

बताते चलें कि वे बेहद हंसमुख, मिलनसार और कर्तव्यनिष्ठ डॉक्टर थे। अपने इसी स्वभाव के कारण मरीजों और साथी स्टॉफ के बीच वे काफी लोकप्रिय थे। उनके पीछे परिवार में उनकी पत्नी और दो छोटी बेटियां हैं, जिन पर इस घटना के बाद दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

हार्ट अटैक के प्रमुख लक्षण

  • छाती के बीचो-बीच भारीपन, दबाव, जकड़न या निचोड़ने जैसा दर्द महसूस होना।
  • यह दर्द धीरे-धीरे बाएं हाथ, दोनों कंधों, गर्दन, जबड़े या पीठ तक फैल सकता है।
  • बिना किसी भारी काम के भी अचानक सांस फूलना या भारी होना।
  • अचानक बिना किसी कारण के शरीर से ठंडा पसीना छूटना।
  • अचानक सिर घूमना, बेहद कमजोरी महसूस होना या बेहोशी छाना।
  • लगातार उल्टी जैसा लगना, पेट के ऊपरी हिस्से में जलन या अपच महसूस होना।

हार्ट अटैक से कैसे बचें?

  • 35 वर्ष की उम्र के बाद साल में कम से कम एक बार लिपिड प्रोफाइल (कोलेस्ट्रॉल), ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर की जांच जरूर कराएं।
  • आधुनिक जीवनशैली में अत्यधिक मानसिक तनाव भी हार्ट अटैक का एक बड़ा कारण है। योग, ध्यान या पर्याप्त नींद के जरिए तनाव कम करें।
  • जंक फूड, अत्यधिक तैलीय और डिब्बाबंद भोजन से दूरी बनाएं।
  • अपने आहार में हरी सब्जियां, फल और फाइबर युक्त चीजें शामिल करें।
  • रोजाना कम से कम 30-45 मिनट की वॉक, एक्सरसाइज या योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
  • स्मोकिंग और अल्कोहल का सेवन धमनियों को ब्लॉक करता है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।